हंगरी के संसदीय चुनाव में 16 वर्ष से सत्तारूढ़ ओर्बान की पार्टी की पराजय

13 Apr 2026 09:53:54
हंगरी की राजधानी बुडापेस्ट में विपक्ष की जीत का जश्न मनाया गया। फोटो - इंटरनेट मीडिया


बुडापेस्ट (हंगरी), 13 अप्रैल (हि.स.)। हंगरी में संसदीय चुनाव के लिए रविवार को हुए मतदान के लगभग सभी नतीजे सामने आ गए हैं। देश की जनता ने 16 वर्ष से सत्तारूढ़ प्रधानमंत्री विक्टर ओर्बान को हराकर विपक्षी पार्टी तिसा के नेता पीटर माग्यार को जनादेश सौंपा है। ओर्बान की हार से अमेरिका को तगड़ा झटका लगा है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने तो मतदान से पहले ही विक्टर ओर्बान को हंगरी अगला प्रधानमंत्री घोषित कर दिया था।

द बुडापोस्ट टाइम्स और सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, इस चुनाव में तिसा पार्टी ने 138 सीटें हासिल कर ली हैं। यह दो-तिहाई बहुमत के लिए काफी है। फिडेज-केडीएनपी गठबंधन ने 54 और मी हजांक ने सात सीट हासिल की हैं। अपनी हार स्वीकारते हुए प्रधानमंत्री विक्टर ओर्बान ने बुडापेस्ट के बाल्ना बुडापेस्ट में समर्थकों को संबोधित किया। उन्होंने जनादेश का स्वागत करते हुए मतदाताओं का आभार जताया।उन्होंनेकहा, हमारे लिए यह नतीजा दुखद है। उन्होंने कहा कि वह विपक्ष में रहते हुए मातृभूमि और हंगेरियन राष्ट्र की सेवा करते रहेंगे।

इस बीच, तिसा पार्टी के नेता पीटर मग्यार ने रविवार शाम बुडापेस्ट के बत्थ्यानी स्क्वायर पर जबरदस्त जीत की घोषणा की। उन्होंने समर्थकों से कहा, हमने भारी बहुमत से चुनाव जीत लिया है। हमने हंगरी को आजाद कराया है। उन्होंने कहा कि हंगरी के लोकतांत्रिक इतिहास में इससे पहले कभी भी इतना भारी मतदान नहीं हुआ। लगभग 33 लाख मतदाताओं ने जनादेश सौंपा है।

उधर, जब ओर्बान ने अपने प्रतिद्वंद्वी पीटर के सामने हार मान ली तो कुछ लोगों को यह सत्ता परिवर्तन जैसा लगा। लेखक और कवि आंद्रास पेटोक्ज़ ने कहा कि इस एहसास ने उन्हें सोवियत संघ के पतन के समय बुडापेस्ट में होने की याद दिला दी। उन्होंने कहा,

जब कम्युनिस्ट शासन खत्म हुआ, तब मैं 30 साल का था। यह बिल्कुल वैसा ही एहसास है - बिल्कुल वैसा ही।

वह कहते हैं कि इस चुनाव का पहला सबक यह है कि राष्ट्रवाद को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ले जाना मुश्किल है। राष्ट्रीय संप्रभुता के रक्षक के रूप में इतने लंबे समय तक शासन करने के बावजूद यूरोपीय संघ और उदारवादी विचारधारा के कथित खतरों से हंगरी की रक्षा करने का संकल्प लेते हुए ओर्बान का चुनावी अभियान अंततः संयुक्त राज्य अमेरिका और रूस में स्थित अपने शक्तिशाली अंतरराष्ट्रीय समर्थकों के सहारे ही चला। इस चुनाव में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भरपूर दिलचस्पी ली। उन्होंने अपने सोशल ट्रुथ पर मतदाताओं से कहा, बाहर निकलो और विक्टर को वोट दो। वह सच्चा दोस्त, योद्धा और विजेता है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / मुकुंद

Powered By Sangraha 9.0