चंडीगढ़, 13 अप्रैल (हि.स.)। पंजाब में करीब एक दशक से चुनावी मुद्दा बने बेअदबी के मामलों में अब कड़ी सजा देने के लिए सोमवार को बेअदबी कानून पारित किया गया है। बैसाखी के अवसर पर पंजाब विधानसभा के विशेष एक दिवसीय सत्र के दौरान विधानसभा में जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) विधेयक-2026 सर्वसम्मति से पास किया गया। इस विधेयक में आरोपितों को उम्र कैद की सजा का प्रावधान किया गया है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सदन में यह विधेयक पेश किया। चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष में जमकर बहस हुई। हंगामे के बीच मुख्यमंत्री भगवंत मान ने स्पष्ट किया कि यह विधेयक अभी केवल श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी पर ही लागू होगा। गैर सिखों (हिंदू, मुस्लिम, ईसाई, आदि) के पवित्र ग्रंथों और धार्मिक स्थलों से छेड़छाड़ पर इस विधेयक के तहत फिलहाल कोई सजा का प्रावधान नहीं है। सीएम ने कहा कि अन्य धर्मों के लोगों से भी राय लेकर जल्द ही कानून बनाया जाएगा। सीएम ने कहा कि राज्यपाल से हस्ताक्षर करवाना सभी की जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए कहा कि राज्यपाल के पास मेरी शिकायत लेकर तीसरे दिन पहुंच जाते हो। गवर्नर ने अगर बिल को मंजूरी देने में देरी की, तो दोनों साथ चलेंगे।
इस विधेयक को लेकर नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा और स्पीकर कुलतार सिंह संधवां के बीच बहस हुई। बाजवा ने कहा कि हम इस बिल का समर्थन करते हैं, लेकिन इस मामले में बनाई गई निज्जर कमेटी की रिपोर्ट को सदन में पेश किया जाए। स्पीकर ने कहा कि कमेटी अपनी रिपोर्ट पेश कर देगी। बाजवा ने कहा कि केजरीवाल और भगवंत मान ने कहा था कि कुंवर प्रताप सिंह की रिपोर्ट के आधार पर 48 घंटे में दोषियों को सलाखों के पीछे पहुंचा देंगे, लेकिन कुछ नहीं हुआ। इस बात को लेकर सदन में हंगामा हुआ। बाजवा ने कहा कि उस समय के 5 केस शहर से बाहर चले गए। सरकार ने विरोध नहीं किया। बाजवा ने दोषी पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की।
इससे पहले अप्रैल, 2025 में एक विधेयक लाया गया था, जिसमें सभी धर्मों के पवित्र ग्रंथों को शामिल किया गया था, लेकिन उसे सेलेक्ट कमेटी के पास भेज दिया गया था। वर्तमान पारित विधेयक केवल श्री गुरु ग्रंथ साहिब पर केंद्रित है। सत्र के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी करने पर सख्त सजा रखने संबंधी बिल सर्वसम्मति से पास हुआ है। मुझे उम्मीद है कि अब कोई पत्थर दिल ही होगा, जो इस घटना के बारे में सोचेगा। अगर सोचेगा तो उसे पीढिय़ों तक उसका एहसास रहेगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सेलेक्ट कमेटी का कार्यकाल छह महीने बढ़ाया गया है, क्योंकि उस समय बाढ़ आ गई थी। ऐसे में सभी धर्मों के लोगों से बातचीत नहीं हो पाई थी। अभी सभी से राय लेनी होगी। कमेटी अब सभी धार्मिक लोगों के पास जाकर राय लेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा