
बार्सिलोना, 14 अप्रैल (हि.स.)। यूरोपीय फुटबॉल की शीर्ष संस्था यूईएफए ने चैंपियंस लीग क्वार्टर फाइनल के पहले चरण में हुए हैंडबॉल विवाद को लेकर बार्सिलोना की शिकायत को खारिज कर दिया है। यह फैसला एटलेटिको मैड्रिड के खिलाफ दूसरे चरण के मुकाबले से कुछ घंटे पहले आया है।अब इस फैसले के बाद बार्सिलोना को दूसरे चरण के मुकाबले में वापसी के लिए कड़ी चुनौती का सामना करना होगा।
पहले चरण में डिएगो सिमियोने की अगुवाई वाली एटलेटिको मैड्रिड ने कैंप नोउ में बार्सिलोना को 2-0 से हराया था। इस मुकाबले में एक विवादित घटना सामने आई थी, जब एटलेटिको के डिफेंडर मार्क पबिल ने गेंद को हाथ से छुआ, जबकि ऐसा लग रहा था कि गोल किक उन्हें पास की गई थी।
बार्सिलोना ने इस घटना को लेकर कड़ी आपत्ति जताते हुए पेनल्टी नहीं दिए जाने को “बड़ी गलती” बताया था और दावा किया था कि इस निर्णय का मैच के नतीजे पर असर पड़ा। क्लब इस बात से भी नाराज था कि रेफरी इस्तवान कोवाक्स को वीएआर टीम द्वारा इस घटना की समीक्षा करने के लिए नहीं कहा गया।
यूईएफए ने अपने बयान में कहा, “पहले चरण के बाद बार्सिलोना ने रेफरी के एक निर्णय को लेकर विरोध दर्ज कराया था। 13 अप्रैल 2026 को यूईएफए की नियंत्रण, नैतिकता और अनुशासन समिति ने इस विरोध को अस्वीकार्य घोषित कर दिया।”
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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील दुबे