बाबा साहब के संघर्ष और उससे उत्प्रेरित जीवन आदर्शों को जीने का संकल्प दिवस है अंबेडकर जयंती: आलोक कुमार

14 Apr 2026 21:56:53
Vhp, alok kumar 2


Vhp alok kumar,


महू, 14 अप्रैल (हि.स.)। हर वर्ष बाबा साहेब का जन्मदिन उनके जीवन को, उनके संघर्ष को और उसमें से निकले उनके जीवन के आदर्शों को जीने का संकल्प करने का दिन है। बाबा साहेब को संविधान लिखने की जिम्मेदारी उनकी योग्यता के कारण मिली है। उक्त बातें मध्य प्रदेश के महू में विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने भारत रत्न डॉ. भीमराव राम अंबेडकर की जयंती के अवसर पर डॉ. अंबेडकर नगर (महू), जिला इंदौर में आयोजित समारोह में सहभागिता के अवसर पर कहीं। इस दौरान मंच पर प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी उपस्थित रहे।

विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि डॉ. अंबेडकर ने समानता का संकल्प लिया था, इस संकल्प के कारण धारा 17 में लिखा गया था छुआछूत को समाप्त किया जाए। अगर पूरे देश में एक भी घटना ऐसी होती है, जिसमें जाति के नाम पर अन्याय होता है तो वह पूरे देश के लिए शर्म की बात होगी। जब तक थोड़ा भी कही भेदभाव शेष है, तब तक आरक्षण की आवश्यकता है। संविधान में जो लिखा है वह हम सबको स्वीकार है। जब तक समाज का एक बड़ा हिस्सा आर्थिक, शैक्षणिक, उद्योग और व्यापार के क्षेत्र में पिछड़ा रहेगा जब तक समानता नहीं आएगी।

कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी अपने संबोधन में बाबा साहिब को नमन करते हुए लाखों की संख्या में उपस्थित जन समूह को उनके मार्ग का अनुगामी बनने का आह्वान किया।

इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री सावित्री ठाकुर, पूर्व मंत्री, महू विधायक उषा ठाकुर, विहिप प्रांत संगठन मंत्री खगेंद्र भार्गव व अनेक संगठन पादाधिकारियों के साथ में लाखों की संख्या में बाबा साहब के अनुयायी उपस्थित थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. मयंक चतुर्वेदी

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