
कूचबिहार, 16 अप्रैल (हि. स.)। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के मद्देनजर सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कूचबिहार जिले के माथाभांगा विधानसभा क्षेत्र के घोजाडांगा में चुनावी जनसभा को संबोधित किया। यह सभा तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवार साबलू बर्मन के समर्थन में आयोजित की गई थी।
सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि देश के विभिन्न विपक्षी नेता, जिनमें उद्धव ठाकरे, अखिलेश यादव, एमके स्टालिन और तेजस्वी यादव शामिल हैं, उनसे संपर्क में हैं और सभी का मानना है कि बंगाल में भाजपा अत्याचार कर रही है।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि भाजपा के पास बूथ स्तर पर कार्यकर्ता नहीं हैं और वह एजेंसियों के जरिए फॉर्म भरवाकर लोगों को बैठाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा चुनाव में पैसे के दम पर प्रभाव डालने की कोशिश कर रही है।
महिला आरक्षण बिल को लेकर भी उन्होंने सवाल उठाए। उनका कहना था कि इसे परिसीमन के साथ जोड़ना एक साजिश है, जिसके जरिए राज्य का विभाजन, मतदाताओं के नाम हटाने और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) लागू करने की कोशिश की जा रही है।
उन्होंने बिना नाम लिए केंद्रीय गृह मंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग लोगों को बाहर निकालने की बात कर रहे हैं, उन्हें ही डिटेंशन कैंप भेजा जाएगा।
मुख्यमंत्री ने ‘मातृशक्ति कार्ड’ को लेकर भी भाजपा की आलोचना की और लोगों से अपील की कि वे किसी भी फॉर्म में अपनी निजी जानकारी जैसे मोबाइल नंबर और बैंक विवरण साझा न करें।
कानून व्यवस्था के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि भले ही अभी उनके पास इसकी जिम्मेदारी नहीं है, लेकिन भविष्य में यह उनके ही नियंत्रण में होगी। साथ ही उन्होंने सवाल उठाया कि चुनाव आते ही कूचबिहार में अशांति क्यों बढ़ जाती है।--------------------
हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर