
नई दिल्ली, 18 अप्रैल (हि.स.)। होर्मुज स्ट्रेट की नाकाबंदी और उसको पहले की तरह खोलने की बात को लेकर अमेरिका और ईरान की ओर से लगातार चली जा रही परस्पर विरोधी चाल की वजह से कच्चे तेल की कीमत में आज लगातार उतार चढ़ाव होता रहा। शुक्रवार को दावा किया गया था कि होर्मुज स्ट्रेट को पहले की तरह खोल दिया गया है। इसके बाद कच्चे तेल की कीमत में जबरदस्त गिरावट दर्ज की गई थी। कीमत में आई ये गिरावट आज के कारोबार में भी नजर आई, लेकिन दोपहर बाद ईरान ने एक बार फिर होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने का दावा किया। इसके बाद कच्चे तेल की कीमत में दोबारा तेजी का रुख बन गया।
कल शाम ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में होर्मुज स्ट्रेट को खोलने का ऐलान किया था। इस पोस्ट में बताया गया था कि अमेरिका के साथ अस्थाई सीजफायर जारी रहने तक होर्मुज खुला रहेगा। इस ऐलान के तुरंत बाद क्रूड ऑयल की कीमत में लगभग 11 प्रतिशत तक की गिरावट आ गई थी।
आज भी अंतरराष्ट्रीय बाजार में जब कारोबार की शुरुआत हुई तो ब्रेंट क्रूड 1.02 डॉलर प्रति बैरल की गिरावट के साथ 98.37 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर खुला। थोड़ी देर में ही ब्रेंट क्रूड लुढ़क कर 86.08 डॉलर प्रति बैरल के स्तर तक चला गया। इसी तरह वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) क्रूड ने आज 1.34 डॉलर प्रति बैरल की कमजोरी के साथ 93.95 डॉलर प्रति बैरल के स्तर से कारोबार की शुरुआत की। कुछ देर बाद ही डब्ल्यूटीआई क्रूड टूट कर 80.56 डॉलर प्रति बैरल के स्तर तक गिर गया।
कच्चे तेल की कीमत में आई गिरावट से दुनिया भर में उत्साह का माहौल बना हुआ था। इसी बीच ईरान की इस्लामी रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने अमेरिका पर वादा खिलाफी करने का आरोप लगाते हुए एक बार फिर होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने का ऐलान कर दिया। आईआरजीसी की ओर से कहा गया कि होर्मुज स्ट्रेट एक बार फिर सख्त निगरानी और प्रबंधन वाली स्थिति में वापस आ गया है। अब इस रास्ते से गुजरने के लिए किसी भी जहाज को ईरान की अनुमति लेनी होगी।
ईरान की ओर होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा बंद करने का ऐलान होते ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत में दोबारा तेजी आ गई। ब्रेंट क्रूड दिन के निचले स्तर से 5.88 डॉलर उछल कर 91.96 डॉलर प्रति बैरल के स्तर तक पहुंच गया। इसी तरह डब्ल्यूटीआई क्रूड भी निचले स्तर से 13.48 डॉलर की छलांग लगा कर 94.04 डॉलर प्रति बैरल के स्तर तक आ गया। भारतीय समय के मुताबिक शाम 7 बजे ब्रेंट क्रूड 91.87 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंचा हुआ था। इसी तरह डब्ल्यूटीआई क्रूड 85.57 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर कारोबार करता हुआ नजर आ रहा था।
मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि होर्मुज स्ट्रेट को लेकर लगातार उलझन की स्थिति बनी हुई है। अमेरिका एक ओर तो ईरान पर होर्मुज स्ट्रेट को खोलने के लिए दबाव बना रहा है। दूसरी ओर, वो खुद होर्मुज स्ट्रेट की नाकेबंदी जारी रखना चाहता है। ऐसे में लगातार असमंजस की स्थिति बनी हुई है, जिसकी वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत में लगातार बड़ा उतार-चढ़ाव होता हुआ नजर आ रहा है।
टीएनवी फाइनेंशियल सर्विसेज के सीईओ तारकेश्वर नाथ वैष्णव का कहना है कि जब तक अमेरिका और ईरान दोनों पक्ष होर्मुज स्ट्रेट को खोलने की बात को लेकर पूरी तरह से एकमत नहीं हो जाते हैं, तब तक कच्चे तेल की कीमत में तेजी का रुख जारी रह सकता है। हालांकि भारत समेत कई बड़े देश अमेरिका और ईरान को होर्मुज स्ट्रेट को खोलने के मसले पर एकमत करने की कोशिश में जुटे हुए हैं, ताकि दुनिया भर में एक बार फिर पेट्रोलियम उत्पादों की सप्लाई पहले की तरह शुरू हो सके।
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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक