
नई दिल्ली, 18 अप्रैल (हि.स.)। अमेरिका ने एक बार फिर अगले एक महीने तक दुनिया के तमाम देशों को समुद्र में फंसे रूस के क्रूड ऑयल तथा दूसरे पेट्रोलियम उत्पादों को खरीदने की अनुमति दे दी है। अमेरिका द्वारा रूस के तेल की खरीदारी की अनुमति देने से कच्चे तेल की कीमत में और गिरावट आने की उम्मीद बन गई है। इससे पहले अमेरिका की ओर से कहा गया था कि दुनिया के देशों को रूस और ईरान से क्रूड ऑयल खरीदने के लिए दी गई अस्थाई छूट को आगे जारी नहीं रखा जाएगा। इस बात की पुष्टि अमेरिका के ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने भी की थी।
बेसेंट ने अपने बयान में साफ किया था कि रूस के कच्चे तेल को खरीदने की छूट 11 अप्रैल को ही खत्म हो गई थी, जबकि ईरानी तेल को खरीदने के लिए छूट की तिथि 19 अप्रैल को खत्म हो जाएगी। इस तिथि को अब और आगे नहीं बढ़ाया जाएगा। हालांकि स्कॉट बेसेंट के इस बयान के बाद देर रात अमेरिका के ट्रेजरी डिपार्मेंट ने अपनी वेबसाइट पर रूस और ईरान के पेट्रोलियम उत्पादों की खरीदारी करने के लिए लाइसेंस जारी करने का ऐलान कर दिया।
अमेरिका के इस ताजा रुख के बाद 16 मई तक जहाज पर लदे रूसी तेल को खरीदने की अनुमति होगी। अमेरिका की ओर से कहा गया है कि रूसी कच्चे तेल को खरीदने का यह लाइसेंस वैश्विक स्तर पर एनर्जी प्रोडक्ट्स की कीमत को नियंत्रित करने के अमेरिकी प्रशासन के प्रयासों के तहत जारी किया गया है। इसकी वजह से कीमतों में होन वाली बेतहाशा व़द्धि को टाला जा सकेगा।
आपको बता दें कि रूसी कच्चे तेल की खरीदारी के लिए मिली इस राहत से वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की आपूर्ति में अस्थायी रूप से वृद्धि हो सकती है। रूस का ये कच्चा तेल अंतराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत पर कुछ हद तक लगाम भी लगा सकता है। ईरान की ओर से होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते होने वाली तेल टैंकर्स की आवाजाही ठप कर देने के कारण दुनिया भर में कच्चे तेल और गैस की सप्लाई बाधित हुई, जिसकी वजह से इन उत्पादों की कीमत बढ़ती चली गई। पश्चिम एशिया में जंग शुरू होने के पहले तक होर्मुज स्ट्रेट के रूट से दुनिया भर में होने वाली तेल और गैस की कुल सप्लाई का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा गुज़रता था।
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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक