
गोलाघाट (असम), 02 अप्रैल (हि.स.)। अमस के सरूपथार विधानसभा क्षेत्र में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के प्रत्याशी साहिल मुंडा के समर्थन में व्यापक चुनावी प्रचार किया, जिससे क्षेत्र का चुनावी माहौल और गर्म हो गया है।
सरूपथार में सत्तारूढ़ और विपक्षी दलों के बीच राजनीतिक मुकाबला पहले से ही तेज है। वहीं, जेएमएम की सक्रियता ने समीकरणों को और जटिल बना दिया है। लगभग 40 हजार से अधिक चाय जनजाति और आदिवासी मतदाताओं वाले इस क्षेत्र में साहिल मुंडा की उम्मीदवारी को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पानजान खेल मैदान में आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित किया, जिसमें हजारों लोगों की भीड़ उमड़ी। इस भारी जनसमर्थन को देखते हुए क्षेत्र के चुनावी समीकरणों में बदलाव की संभावना जताई जा रही है।
सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने असम की भाजपा सरकार पर धार्मिक आधार पर राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार ने आदिवासी समुदाय के कल्याण के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया है, जबकि चाय बागानों में काम करने वाले आदिवासी ही इस उद्योग की रीढ़ हैं। उन्होंने यह भी कहा कि श्रमिकों को मात्र 250 रुपये दैनिक मजदूरी दी जा रही है, जो पर्याप्त नहीं है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आरोप लगाया कि सरकार चुनाव के समय आर्थिक सहायता देकर मतदाताओं को प्रभावित करने का प्रयास करती है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि सरकार सहायता देना चाहती है तो इसे नियमित रूप से क्यों नहीं दिया जाता। उन्होंने कहा कि सशक्त आदिवासी समाज अपने अधिकार खुद हासिल कर सकता है।
वहीं, जेएमएम प्रत्याशी साहिल मुंडा ने अपनी जीत को लेकर आशा जताई। उन्होंने कहा कि उनका मुख्य मुकाबला क्षेत्रीय दलों के साथ है, न कि भाजपा के साथ और इस बार आदिवासी समाज सही निर्णय लेगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश