
- छह किश्तों में मिलेगा एरियर
भोपाल, 02 अप्रैल (हि.स.)। मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य के सरकारी कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (डीए) में तीन फीसदी की वृद्धि कर दी है। कर्मचारियों को बढ़ा हुआ पैसा अप्रैल के वेतन के साथ मई में मिलेगा। इस संबंध में गुरुवार को वित्त विभाग ने आदेश जारी कर दिया है।
जारी आदेश के अनुसार सातवें वेतनमान के अंतर्गत कर्मचारियों को मिलने वाला महंगाई भत्ता अब एक जुलाई 2025 से (भुगतान माह अगस्त 2025 से) 55 प्रतिशत से तीन प्रतिशत बढ़ाकर 58 प्रतिशत कर दिया गया है। इस फैसले से प्रदेश के करीब 12 लाख कर्मचारियों और पेंशनर्स को सीधा फायदा मिलेगा।
वित्त विभाग के परिपत्र के अनुसार यह बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता 1 जुलाई 2025 से कुल 58 प्रतिशत देय माना जाएगा। हालांकि, कर्मचारियों को इसका वास्तविक लाभ एक अप्रैल 2026 (भुगतान माह मई 2026) से प्राप्त होगा।
सरकार द्वारा जारी आदेश में बताया गया है कि 3 प्रतिशत की इस वृद्धि के बाद कर्मचारियों का कुल महंगाई भत्ता अब 58 प्रतिशत हो जाएगा। यह निर्णय राज्य के लाखों कर्मचारियों के लिए आर्थिक राहत लेकर आएगा।
एरियर का भुगतान छह किश्तों में
वित्त विभाग ने शासकीय सेवकों को महंगाई भत्ते में हुई वृद्धि का लाभ एक जुलाई 2025 से 31 मार्च 2026 तक की एरियर राशि का भुगतान छह समान किश्तों में दिया जाएगा। इन किश्तों का भुगतान मई, जून, जुलाई, अगस्त, सितंबर और अक्टूबर 2026 में किया जाएगा।
सेवानिवृत्त और दिवंगत कर्मचारियों के लिए विशेष प्रावधान
वित्त विभाग ने जारी आदेश में स्पष्ट किया है कि जो कर्मचारी 1 जुलाई 2025 से 31 मार्च 2026 के बीच सेवानिवृत्त हो चुके हैं या जिनका निधन हो गया है, उन्हें अथवा उनके नामांकित सदस्य को एरियर की पूरी राशि एकमुश्त प्रदान की जाएगी।
भुगतान संबंधी अन्य निर्देश
महंगाई भत्ते की गणना में 50 पैसे या उससे अधिक राशि को अगले पूर्ण रुपये में जोड़ा जाएगा, जबकि 50 पैसे से कम राशि को छोड़ दिया जाएगा। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि महंगाई भत्ते का कोई भी हिस्सा किसी अन्य प्रयोजन के लिए वेतन का भाग नहीं माना जाएगा। सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि महंगाई भत्ते के भुगतान पर होने वाला व्यय संबंधित विभाग के स्वीकृत बजट प्रावधान के भीतर ही सुनिश्चित किया जाए।
मध्य प्रदेश में करीब 12 लाख कर्मचारी हैं। इनमें 7.50 लाख कर्मचारी-अधिकारी और 4.50 लाख पेंशनर्स शामिल हैं। पेंशनर्स को भी 58% की दर से महंगाई राहत (डीआर) दी जाएगी। इस फैसले से सरकार पर करीब 2,450 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार आएगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर