
- 30 जून तक 40 प्रमुख पेट्रोकेमिकल उत्पादों पर नहीं लगेगी कस्टम ड्यूटी
नई दिल्ली, 02 अप्रैल (हि.स.)। केंद्र सरकार ने पश्चिम एशिया में जारी जंग के बीच पेट्रोकेमिकल उत्पादों का मुख्य रॉ मटेरियल के रूप में इस्तेमाल करने वाले उद्योगों को बड़ी राहत देने का ऐलान किया है। इसके तहत केंद्र सरकार ने 40 प्रमुख पेट्रोकेमिकल उत्पादन से अगले तीन महीने तक के लिए पूरी तरह से कस्टम ड्यूटी हटाने की घोषणा की है। केंद्र सरकार के इस कदम का उद्देश्य कच्चे माल की कीमत में होने वाली बेतहाशा वृद्धि से भारतीय मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को सुरक्षित रखना है।
अमेरिका-इजराइल तथा ईरान के बीच जारी जंग के दौरान केंद्र सरकार द्वारा लिए गए इस फैसले से फार्मास्यूटिकल, ऑटो कॉम्पोनेंट्स, प्लास्टिक, टेक्सटाइल, पैकेजिंग और केमिकल मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में काम कर रहे उद्योगों को काफी फायदा होगा। कस्टम ड्यूटी हटाने से इन उद्योगों की उत्पादन लागत में गिरावट आएगी और आम आदमी को महंगाई के बोझ से कुछ हद तक राहत मिल सकेगा।
इस संबंध में उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार इंडस्ट्रियल रॉ मटेरियल के रूप में एसिटिक एसिड, एपॉक्सी रेजिन, प्यूरीफाइड टैरेफ्थैलिक एसिड, मेथेनॉल, फिनोल, टॉल्यून, एनहाइड्रस अमोनिया, एथिलीन पॉलीमर्स और कई तरह के फॉर्मल्डिहाहड पर लगने वाले कस्टम ड्यूटी को 30 जून तक के लिए पूरी तरह से खत्म कर दिया गया है।
उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने इन अहम पेट्रोकेमिकल उत्पादों के इंपोर्ट से कस्टम ड्यूटी हटाने का फैसला ऐसे समय में लिया है, जब पश्चिमी एशिया में जियो-पॉलिटिकल टेंशन चरम पर पहुंचा हुआ है। इस टेंशन का असर दुनिया भर में अहम पेट्रोकेमिकल कच्चे माल की उपलब्धता पर पड़ना शुरू हो गया है। अमेरिका और इजराइल तथा ईरान के बीच चल रही लड़ाई के चलते वैश्विक सप्लाई चेन को भी झटका लगा है, जिसकी वजह से इन उत्पादों की कीमत में भी तेजी आने लगी है। ऐसे में कस्टम ड्यूटी हटा कर केंद्र सरकार भारतीय उद्योगों के लिए आवश्यक कच्चे माल की लगातार सप्लाई सुनिश्चित करना चाहती है।
इस संबंध में बताया गया है कि कस्टम ड्यूटी में इस छूट का उद्देश्य सप्लाई को बनाए रखने और वैल्यू चेन में कीमतों में बढ़ोतरी को रोकना है। इस कदम से केंद्र सरकार को यह उम्मीद भी है कि एंड कंज्यूमर्स के लिए कीमतों में स्थिरता आएगी, क्योंकि कच्चे माल की लागत में कमी से कंपनियों को उपभोक्ताओं पर बढ़ी हुई कीमतें का दबाव नहीं डालना पड़ेगा।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक