
नई दिल्ली, 02 अप्रैल (हि.स)। देश में एकीकृत भुगतान व्यवस्था (यूपीआई) के जरिये होने वाले लेन-देन की संख्या मार्च महीने में 22.64 अरब के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग (डीएफएस) ने यह जानकारी दी है।
वित्तीय सेवा विभाग (डीएफएस) ने गुरुवार को एक्स पोस्ट में बताया, ''यूपीआई के जरिये मार्च 2026 में 22.64 अरब लेन-देन हुए हैं। डिजिटल भुगतान को अपनाने और इस क्रांति को आगे बढ़ाने के लिए भारत का धन्यवाद। आइए, लेन-देन का तरीका बदलने की इस यात्रा को जारी रखें।''
डीएफएस ने कहा कि संख्या के लिहाज से इस महीने 22.64 अरब लेन-देन हुए, जबकि पिछले साल की समान अवधि में यह संख्या 18.3 अरब थी, जो 24 फीसदी की वृद्धि को दर्शाती है। वहीं, फरवरी में यूपीआई लेन-देन की संख्या 20.39 अरब रही थी।
वित्तीय सेवा विभाग के अनुसार हाल ही में जारी आरबीआई के ‘दो-स्तरीय सत्यापन’ नियम का पालन करते हुए यूपीआई लेन-देन करना सुरक्षित होने के साथ उपयोग में भी आसान है। इसमें पहला सत्यापन बैंक से जुड़ा मोबाइल नंबर है, जबकि दूसरा पहलू यूपीआई खाते का पिन है। इससे लेन-देन तेजी से होता है और अनधिकृत पहुंच से रोकथाम मिलती है।
डीएफएस ने बताया कि आज भारत में होने वाले कुल डिजिटल लेन-देन में यूपीआई की हिस्सेदारी 85 फीसदी है। इसका असर राष्ट्रीय सीमाओं से परे भी है और इसकी वैश्विक स्तर पर वास्तविक समय में होने वाले डिजिटल भुगतान का लगभग 50 फीसदी हिस्सेदारी है।
उल्लेखनीय है कि यूपीआई पहले से ही संयुक्त अरब अमीरात, सिंगापुर, भूटान, नेपाल, श्रीलंका, फ्रांस और मॉरीशस सहित सात देशों में चालू है। फ्रांस में इसकी शुरुआत हो चुकी है और यह यूरोप में यूपीआई का पहला कदम है।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर