मनीला, 20 अप्रैल (हि.स.)। फिलीपींस और अमेरिका के साथ आयोजित बड़े सैन्य अभ्यास में जापान भी शामिल हो गया है। इस संयुक्त युद्धाभ्यास का उद्देश्य भाग लेने वाले देशों के बीच रक्षा समन्वय और संचालन क्षमता को मजबूत करना है।
‘बालिकातान’ (कंधे से कंधा मिलाकर) नामक यह अभ्यास 08 मई तक चलेगा, जिसमें लगभग 17,000 सैन्य कर्मी भाग ले रहे हैं। इसमें जापान, फिलीपींस और अमेरिका के अलावा कनाडा, फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड जैसे देश भी शामिल हैं।
अभ्यास के तहत फिलीपींस के पश्चिमी और उत्तरी हिस्सों में विभिन्न युद्धाभ्यास और रणनीतिक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। जापान सेल्फ-डिफेंस फोर्स के अधिकारी कर्नल ताकेशी हिगुची ने कहा कि इस अभ्यास से संयुक्त संचालन क्षमता में सुधार होगा और क्षेत्र में किसी भी एकतरफा सैन्य बदलाव को रोकने में मदद मिलेगी।
उद्घाटन समारोह के दौरान फिलीपींस के सैन्य प्रमुख जनरल रोमियो ब्राउनर ने कहा कि यह अभ्यास स्पष्ट संदेश देता है कि सुरक्षा साझेदारी के जरिए ही मजबूत की जा सकती है। वहीं, अमेरिकी मरीन एक्सपेडिशनरी फोर्स के कमांडिंग जनरल क्रिश्चियन वॉर्टमैन ने जापान की भागीदारी का स्वागत करते हुए इसे सहयोग मजबूत करने की दिशा में अहम कदम बताया।
हालांकि, इस अभ्यास को लेकर चीन ने आपत्ति जताई है। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने जापान को सुरक्षा मामलों में “सावधानी” बरतने की सलाह दी। यह प्रतिक्रिया उस समय आई जब जापान का युद्धपोत जेएस इकाजुची हाल ही में ताइवान जलडमरूमध्य से होकर गुजरा और अब इस सैन्य अभ्यास में भी हिस्सा ले रहा है।
उल्लेखनीय है कि 2012 से जापान इस वार्षिक अभ्यास में आपदा प्रबंधन से जुड़े हिस्से में सीमित भूमिका निभाता रहा है। लेकिन पिछले वर्ष लागू हुए जापान-फिलीपींस रक्षा समझौते के बाद अब उसकी भागीदारी का दायरा और बढ़ गया है।
---------------------
हिन्दुस्थान समाचार / आकाश कुमार राय