महिला आयोग ने एसिड पीड़िताओं के बचाव और पुनर्वास की व्यापक सिफारिश की

20 Apr 2026 15:30:53
विजया


नई दिल्ली, 20 अप्रैल (हि.स.)। राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) ने एसिड अटैक पीड़िताओं के लिए देखभाल, न्याय और पुनर्वास को मजबूत बनाने के लिए सोमवार को केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों को व्यापक सिफारिशें सौंपी। ये सिफारिशें 16 जनवरी 2026 को आयोजित “नवजीवन: एसिड अटैक पीड़ित के लिए देखभाल, न्याय और गरिमा पर एक परामर्श” के आधार पर तैयार की गई हैं।

आयोग द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार रिपोर्ट में पीड़ितों के लिए एक समग्र और संवेदनशील ढांचा प्रस्तावित किया है, जिसमें इलाज से लेकर कानूनी सहायता और सामाजिक पुनर्वास तक के सभी पहलुओं को शामिल किया गया है।

आयोग ने स्वास्थ्य क्षेत्र में सभी अस्पतालों में गोल्डन आवर प्रोटोकॉल लागू करने, एसिड अटैक पीड़िताओं को मुफ्त और आजीवन इलाज देने तथा विशेष उपचार केंद्र स्थापित करने की सिफारिश की है। साथ ही आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज और टेलीमेडिसिन सेवाओं को भी जोड़ने पर जोर दिया गया है।

कानूनी मोर्चे पर आयोग ने मामलों की फास्ट-ट्रैक सुनवाई, जीरो एफआईआर को अनिवार्य बनाने और विशेष कानूनी अधिकारियों की नियुक्ति की मांग की है। इसके अलावा “एसिड अटैक पीड़ितों के लिए विधेयक, 2022” को जल्द लागू करने पर भी बल दिया गया है।

मुआवजे और आर्थिक सहायता के तहत आयोग ने पूरे देश में एक समान मुआवजा व्यवस्था, समयबद्ध भुगतान, मासिक पेंशन और प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण के माध्यम से सीधे भुगतान की व्यवस्था का सुझाव दिया है।

रिपोर्ट में पीड़ितों के लिए रोजगार, स्किल डेवलपमेंट, शिक्षा और उद्यमिता को बढ़ावा देने के साथ-साथ समाज में उनकी गरिमा और स्वीकार्यता बढ़ाने के लिए जागरूकता अभियान चलाने की भी सिफारिश की गई है।

इसके अलावा, दिव्यांगजनों के अधिकार अधिनियम, 2016 के तहत एसिड अटैक पीड़ितों को दिव्यांगता श्रेणी में शामिल करने और सभी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ने की बात कही गई है।

आयोग ने एसिड की बिक्री पर सख्त नियंत्रण, विष अधिनियम, 1919 में संशोधन और एक राष्ट्रीय स्तर की केस ट्रैकिंग प्रणाली विकसित करने की भी सिफारिश की है।

आयोग ने संबंधित मंत्रालयों से इन सिफारिशों को जल्द लागू करने की अपील की है, ताकि एसिड अटैक पीड़ितों को समय पर इलाज, न्याय और सम्मानजनक जीवन मिल सके।

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हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी

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