

हैदराबाद, 21 अप्रैल (हि.स.)। भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) की नेता और तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव की बेटी के. कविता 25 अप्रैल को अपनी नई राजनीतिक पार्टी लॉन्च करने जा रही हैं। उन्होंने इस नए मंच को युवाओं और वंचित वर्गों के लिए एक समावेशी राजनीतिक विकल्प के रूप में पेश किया है।
मंगलवार को हैदराबाद में पत्रकारों से बातचीत करते हुए के. कविता ने युवाओं, विशेष रूप से जेनरेशन-ज़ेड, दिव्यांगजन, ट्रांसजेंडर समुदाय और सामाजिक रूप से उपेक्षित वर्गों से अपील की कि वे इस नए राजनीतिक मंच का हिस्सा बनें। उन्होंने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए अनसुनी आवाजों को सामने लाया जा सकता है।
कविता ने कहा, “लोग कहते हैं कि जेनरेशन-ज़ेड स्क्रीन में व्यस्त है, लेकिन हम उन्हीं स्क्रीन के जरिए बेआवाज लोगों को आवाज देंगे।” उन्होंने स्पष्ट किया कि यह मंच केवल प्रतीकात्मक प्रतिनिधित्व तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसमें लोगों को नेतृत्व की वास्तविक भूमिका दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि अक्सर जिन लोगों को “अपनी बारी का इंतजार” करने को कहा जाता है, उन्हें इस मंच पर प्राथमिकता दी जाएगी। इच्छुक लोगों से उन्होंने संपर्क करने का आह्वान भी किया, ताकि उनकी टीम समन्वय कर सके।
गौरतलब है कि के. कविता पूर्व में सांसद और एमएलसी रह चुकी हैं। उन्होंने वर्ष 2025 में बीआरएस से मतभेदों के चलते इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद से वह तेलंगाना जागृति के माध्यम से सक्रिय रहीं और अब नई राजनीतिक पार्टी के गठन की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
बीआरएस के भीतर लंबे समय से चल रहे मतभेद, पार्टी के सत्ता से बाहर होने के बाद खुलकर सामने आए। खासकर उनके और उनके भाई के. टी. रामा राव के बीच रिश्तों में खटास की चर्चाएं भी सामने आईं। पार्टी के आंतरिक मुद्दों को सार्वजनिक करने के बाद विवाद और गहरा गया, जिसके चलते उन्हें निलंबित भी किया गया था। इसके बाद उन्होंने पार्टी और एमएलसी पद से इस्तीफा दे दिया।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, के. कविता का यह कदम क्षेत्रीय राजनीति में नया समीकरण बना सकता है। उनकी स्थिति कुछ हद तक वाईएस शर्मिला जैसी मानी जा रही है, जिन्होंने अपने भाई वाईएस जगनमोहन रेड्डी से मतभेद के बाद अलग राजनीतिक राह अपनाई थी।
इसी तरह हाल के दिनों में रोहिणी आचार्या द्वारा भी अपने भाई तेजस्वी यादव पर राजनीतिक कार्यशैली को लेकर आरोप लगाए जाने की घटनाएं सामने आई हैं।
कुल मिलाकर, के. कविता की नई पार्टी की घोषणा तेलंगाना की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत मानी जा रही है, जिस पर आने वाले दिनों में सबकी नजरें टिकी रहेंगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / Dev Kumar Pukhraj