
काठमांडू, 21 अप्रैल (हि.स.)। नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह के दफ्तर (पीएमओ) ने सभी मंत्रालयों को निर्देश जारी किया है कि बिना प्रधानमंत्री कार्यालय की स्वीकृति के किसी भी मंत्रालय का कोई भी नीतिगत फैसला सार्वजनिक नहीं किया जाए। पीएमओ मीडिया के अनुसार, प्रधानमंत्री कार्यालय में विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ मौजूद हैं और उन्हें अलग-अलग मंत्रालयों की जिम्मेदारी दी गई है। कोई भी फैसला जारी करने से पहले इन विशेषज्ञों की अनुमति लेना अनिवार्य किया गया है।
प्रधानमंत्री शाह की प्रेस सलाहकार दीपा दहाल ने कहा, “अब से सभी मंत्रालयों को किसी भी सूचना या प्रेस विज्ञप्ति जारी करने से पहले प्रधानमंत्री कार्यालय से अनुमोदन लेना होगा।” 27 मार्च को प्रधानमंत्री नियुक्त हुए बालेन्द्र शाह ने राजनीतिक सलाहकारों, संचार और जनसंपर्क विशेषज्ञों को शामिल कर अपनी टीम तैयार की है। दहाल ने कहा, “प्रधानमंत्री कार्यालय में विशेषज्ञ हैं, पीएम ने मंत्रालयों में भी विशेषज्ञ टीम तैनात की है और निर्देश दिया है कि किसी भी सूचना या वक्तव्य को जारी करने से पहले हमारी टीम से स्वीकृति ली जाए।”
इस व्यवस्था के कारण कुछ कर्मचारी असमंजस में पड़ गए हैं। एक अधिकारी ने सवाल उठाते हुए कहा, “यह पहली बार है कि हम इस तरह की प्रक्रिया अपना रहे हैं। लोकतांत्रिक व्यवस्था में यदि केवल प्रधानमंत्री कार्यालय की स्वीकृति वाली जानकारी ही जारी होगी, तो इसका क्या संदेश जाएगा?” इससे पहले 31 मार्च को प्रधानमंत्री शाह ने मंत्रियों और उच्च पदस्थ अधिकारियों को रोजाना अपने कार्यों का विवरण प्रस्तुत करने का निर्देश भी दिया था।
प्रधानमंत्री कार्यालय ने सभी मंत्रालयों, विभागों और आयोगों को पत्र भेजकर दिनभर के कार्यों का विवरण प्रस्तुत करने को कहा है। इसके लिए मंत्रालयों ने सहसचिव स्तर के अधिकारियों को फोकल पर्सन नियुक्त किया है।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / पंकज दास