ऊर्जा सुरक्षा, आपूर्ति शृंखलाओं को सुचारु बनाए रखने को समन्वित प्रयासः केंद्र

21 Apr 2026 17:21:53
होर्मुज जलडमरूमध्य की फोटो


नई दिल्ली, 21 अप्रैल (हि.स.)। पश्चिम एशिया संकट के बीच केंद्र सरकार ने कहा कि देश में बंदरगाह संचालन, ऊर्जा आपूर्ति और डेयरी क्षेत्र सामान्य रूप से काम कर रहे हैं। भारतीय नाविक सुरक्षित हैं, दुग्ध एवं दुग्ध उत्पादों की कीमतें स्थिर हैं तथा समुद्री बीमा के लिए विशेष फंड की व्यवस्था की गई है। ऊर्जा सुरक्षा, भारतीय प्रवासी समुदाय के कल्याण और आपूर्ति शृंखलाओं को सुचारु बनाए रखने के लिए समन्वित प्रयास किए जा रहे हैं।

बंदरगाह, जहाजरानी एवं जलमार्ग मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव मुकेश मंगल ने यहां मंगलवार को राष्ट्रीय मीडिया केंद्र में आयोजित अंतरमंत्रालयी पत्रकार वार्ता में कहा कि पश्चिमी तट के प्रमुख बंदरगाहों पर कंटेनर वॉल्यूम में भारी गिरावट दर्ज की गई है। आठ मार्च को जहां लगभग 3,383 कंटेनर थे, वहीं अब यह घटकर मात्र 99 रह गए हैं, यानी 97 प्रतिशत की कमी आई है। फिलहाल देशभर में बंदरगाह संचालन सामान्य है और यार्ड ऑक्युपेंसी कम हो गई है। सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं। उन्होंने बताया कि कैबिनेट ने ‘भारत मरीन इंश्योरेंस पूल’ को पहले ही मंजूरी दे दी है, जिसके तहत 12,980 करोड़ रुपये का संप्रभु गारंटी फंड उपलब्ध कराया गया है ताकि समुद्री बीमा को सुगम बनाया जा सके।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत पश्चिम एशिया की स्थिति पर करीबी नजर रखे हुए है और खाड़ी देशों के साथ संपर्क तेज किया गया है। हाल के दिनों में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार सऊदी अरब गए, विदेश मंत्री संयुक्त अरब अमीरात पहुंचे, पेट्रोलियम मंत्री ने कतर का दौरा किया और वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री ने खाड़ी देशों के अपने समकक्षों से कई बैठकें कीं। उन्होंने कहा कि इन समन्वित प्रयासों का उद्देश्य ऊर्जा सुरक्षा, भारतीय प्रवासी समुदाय के कल्याण और अन्य साझा चिंताओं पर सहयोग बढ़ाना है।

पशुपालन एवं डेयरी विभाग की निदेशक पूजा रस्तोगी ने बताया कि संकट के बावजूद देशभर में दूध की खरीद, प्रसंस्करण और आपूर्ति सामान्य रूप से जारी है। दूध और दुग्ध उत्पादों की कीमतें स्थिर हैं और बाजार में कोई आपूर्ति बाधित नहीं हुई है। किसानों को भुगतान भी नियमित रूप से किया जा रहा है। विभाग स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है और डेयरी वैल्यू चेन को सुचारु बनाए रखने के लिए कई सक्रिय कदम उठाए गए हैं।

----------

हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर

Powered By Sangraha 9.0