
नई दिल्ली, 22 अप्रैल (हि.स.)। भारत को बुधवार को विश्व फुटबॉल की नियामक संस्था फीफा ने महिला विकास कार्यक्रम (कमर्शियल स्ट्रेटेजी 2026) के लिए चुने गए 12 देशों में शामिल किया गया है। अन्य देशों में जर्मनी, नीदरलैंड, स्वीडन, स्कॉटलैंड, कनाडा, मेक्सिको, फिनलैंड, घाना, जॉर्डन, लिथुआनिया और पराग्वे शामिल हैं।
अखिल भारतीय फुटबॉल संघ (एआईएफएफ) के प्रारंभिक आवेदन और उसके बाद व्यावसायिक रणनीति तथा भविष्य की योजनाओं पर विस्तृत प्रस्तुति के पश्चात फीफा ने भारत को इस कार्यक्रम में शामिल करने की पुष्टि की। यह कार्यक्रम मई से अक्टूबर के बीच ऑनलाइन आयोजित किया जाएगा। इस कोर्स को देशभर में महिला फुटबॉल से जुड़े विभिन्न हितधारकों के लिए फीफा विशेष रूप से तैयार करेगा।
एआईएफएफ को अब एक कमर्शियल पार्टनर का समर्थन प्राप्त होने के साथ यह कार्यक्रम क्लबों को टिकाऊ मॉडल विकसित करने के लिए आवश्यक उपकरण और ज्ञान प्रदान करेगा। साथ ही यह उन्हें एएफसी (एशियन फुटबॉल कन्फेडरेशन) द्वारा जल्द लागू किए जाने वाले महिला क्लब लाइसेंसिंग सिस्टम के लिए तैयार करेगा।
एआईएफएफ के उप महासचिव एम. सत्यनारायण ने कहा, “मेरा मानना है कि भारत में महिला फुटबॉल के व्यावसायिक पहलू को आगे बढ़ाने के लिए यह सही समय है। हमारी तीन महिला टीमों (सीनियर, अंडर-20 और अंडर-17) का अपने-अपने आयु वर्ग में एएफसी एशियन कप के लिए क्वालिफाई करना हमारी क्षमता को दर्शाता है, और अस्मिता अंडर-13 महिला फुटबॉल लीग ने जमीनी स्तर पर मजबूत आधार तैयार किया है।”
उन्होंने आगे कहा, “अब जब क्लबों को व्यावसायिक रणनीतियां विकसित करने, प्रायोजन हासिल करने, फैंस को जोड़ने और अन्य पहलुओं पर इस तरह का प्रशिक्षण मिलेगा, तो पूरा इकोसिस्टम लाभान्वित होगा। मुझे लगता है कि फीफा की यह पहल बेहद सराहनीय है और हमें इसमें चुने जाने की खुशी है। हमें उम्मीद है कि महिला फुटबॉल से जुड़े क्लब और हितधारक इससे लाभ उठाएंगे, खासकर तब जब आईडब्ल्यूएल क्लब जल्द ही एएफसी द्वारा निर्धारित क्लब लाइसेंसिंग आवश्यकताओं के दायरे में आएंगे।”
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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील दुबे