
नई दिल्ली, 23 अप्रैल (हि.स.)। देहरादून शहर के भीतर से गुजरने वाले भारी वाहनों के कारण होने वाले भीषण ट्रैफिक जाम और प्रदूषण से जल्दी ही लोगों को राहत मिलने वाली है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) 716 करोड़ रुपये की लागत से 12 किलोमीटर लंबा ग्रीनफील्ड चार लेन बाईपास बना रहा है। इस परियोजना का 44 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है और इसे अप्रैल 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है।
केंद्रीय संचार मंत्रालय ने बताया कि दिल्ली-देहरादून आर्थिक गलियारे पर बन रहा यह बाईपास झाझरा से शुरू होकर पांवटा साहिब-बल्लूपुर खंड (एनएच-7) से जुड़ते हुए अशारोरी चेक पोस्ट तक जाएगा। इसके बनने से देहरादून शहर के भीतर से गुजरने वाले गैर-गंतव्य यातायात को बाहर की ओर मोड़ा जा सकेगा। इससे प्रदूषण और जाम की समस्या में कमी आएगी और शहरी गतिशीलता बेहतर होगी।
परियोजना को पर्यावरणीय दृष्टि से भी संवेदनशील बनाया गया है। राजमार्ग की चौड़ाई सामान्य 60 मीटर के बजाय 30 मीटर रखी गई है ताकि जंगलों में पेड़ों को संरक्षित किया जा सके। वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए 350 मीटर लंबा व्हीक्युलर ओवर पास, जानवरों के निकलने का ऊपर से रास्ता, सात छोटे पुल, 21 बॉक्स कल्वर्ट और पाँच ह्यूम पाइप कल्वर्ट बनाए जा रहे हैं। पूरे मार्ग पर फेंसिंग और वन्यजीव क्षेत्र के संकेतक लगाए जा रहे हैं ताकि मानव-वन्यजीव संघर्ष कम हो।
मंत्रालय ने बताया कि परियोजना पूरी होने पर देहरादून के निवासियों को भारी और ट्रांजिट यातायात से राहत मिलेगी। साथ ही मसूरी जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होगी, जिससे पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर