
काठमांडू, 23 अप्रैल (हि.स.)। नेपाल के राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने कहा है कि वह जेन जी आंदोलन के दौरान हुई हिंसा के दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए सरकार को जल्द ही सिफारिश करने जा रहा है। आयोग के अनुसार, इस संबंध में तैयारी अंतिम चरण में पहुंच चुकी है।
आयोग के प्रवक्ता डा टीकाराम पोखरेल ने कहा, “हम यथासंभव जल्द सरकार को कार्रवाई की सिफारिश करेंगे। फिलहाल आयोग इसी तैयारी में जुटा हुआ है।”
जब उनसे पूछा गया कि सिफारिश कब तक की जाएगी, तो उन्होंने कहा, “मैं सटीक तारीख नहीं बता सकता, लेकिन यह जल्द ही होगा। हम इसकी तैयारी कर रहे हैं।”
प्रवक्ता पोखरेल ने बताया कि जांच में दोषी पाए गए लोगों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश करने के बाद आयोग आम नागरिकों की जानकारी के लिए अपनी रिपोर्ट भी सार्वजनिक करेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि मानवाधिकार आयोग सरकार को विस्तृत प्रतिवेदन नहीं सौंपता, क्योंकि यह उसका अधिकार क्षेत्र नहीं है। आयोग केवल सरकार को आवश्यक सिफारिशें देता है और विशेष घटनाओं से जुड़ी रिपोर्ट जनता के लिए सार्वजनिक करता है।
आयोग ने लिली थापा के संयोजकत्व में जेनजी प्रदर्शन के दौरान हुए मानवाधिकार उल्लंघनों की जांच के लिए एक समिति बनाई थी। आयोग की टीम और प्रादेशिक कार्यालयों ने 45 जिलों में स्थलगत अध्ययन किया, जबकि सभी 77 जिलों की निगरानी भी की गई। इसके अलावा, दो दिनों की घटनाओं से जुड़े सैकड़ों सीसीटीवी फुटेज का फॉरेंसिक अध्ययन भी किया गया।
सूत्रों के अनुसार, इस समिति ने अपनी रिपोर्ट में तत्कालीन प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली, तत्कालीन गृहमंत्री रमेश लेखक, नेपाली सेना के प्रधान सेनापति जेनरल अशोक राज सिग्देल सहित राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के पदाधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की सिफारिश करेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज दास