
काठमांडू, 23 अप्रैल (हि.स.)। नेपाल के संचार तथा सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने ऑनलाइन मीडिया और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फैल रही आधारहीन, मिथ्या और भ्रामक सूचनाओं को लेकर गंभीर चिंता जताई है। सरकार ने ऐसी अफवाह और भ्रामक सूचना फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
मंत्रालय ने गुरुवार को कहा कि हाल के दिनों में विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बिना पुष्टि की गई खबरें और गलत सूचनाएं प्रसारित की जा रही हैं, जिससे आम नागरिकों में भ्रम फैल रहा है और समाज में गलत संदेश जा रहा है। मंत्रालय ने कहा कि इस तरह की काल्पनिक और भ्रामक सामग्री के प्रसारण को सरकार ने गंभीरता से लिया है। सरकार ने सभी समाचार माध्यमों, संस्थाओं और व्यक्तियों से अपील की है कि आधिकारिक निकायों से पुष्टि किए बिना किसी भी खबर या सूचना को प्रकाशित या प्रसारित न करें।
सरकार ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि कोई व्यक्ति या संस्था आधारहीन, झूठी और भ्रामक खबरें प्रकाशित या प्रसारित करते हुए पाई जाती है, तो संबंधित लोगों की पहचान कर प्रचलित कानूनों, जिसमें अन्य संबंधित कानूनी प्रावधान के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मंत्रालय ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे ऐसी खबरों को फैलाने में सहयोग न करें। सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं से कहा गया है कि किसी भी सामग्री को अपने व्यक्तिगत अकाउंट से साझा करने से पहले उसकी सत्यता की जांच जरूर करें।
इसके अलावा, यदि किसी को ऐसी भ्रामक खबरों या सूचनाओं के प्रसार की जानकारी मिलती है, तो वे मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट पर मौजूद “सोशल मीडिया शिकायत दर्ता” पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज करा सकते हैं। मंत्रालय ने अतिरिक्त जानकारी के लिए फोन और ई-मेल के जरिए भी संपर्क करने का आग्रह किया है। सरकार के इस बयान को सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों और गलत सूचनाओं पर नियंत्रण के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज दास