सब्सक्रिप्शन के लिए खुला लीपफ्रॉग इंजीनियरिंग का आईपीओ, 30 अप्रैल को हो सकती है लिस्टिंग

युगवार्ता    23-Apr-2026
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प्रतीकात्मक


नई दिल्ली, 23 अप्रैल (हि.स.)। इंजीनियरिंग सर्विस प्रोवाइडर कंपनी लीपफ्रॉग इंजीनियरिंग सर्विसेज लिमिटेड का 88.51 करोड़ रुपये का आईपीओ आज सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च कर दिया गया। इस आईपीओ में 27 अप्रैल तक बोली लगाई जा सकती है। इश्यू की क्लोजिंग के बाद 28 अप्रैल को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि 29 अप्रैल को अलॉटेड शेयर डीमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी के शेयर 30 अप्रैल को बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर लिस्ट हो सकते हैं।

इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 21 रुपये से लेकर 23 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 6,000 शेयर का है। इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स को एक लॉट यानी 6,000 शेयरों के लिए बोली लगाना होगा, जिसके लिए उन्हें 1,38,000 रुपये का निवेश करना होगा। इस आईपीओ के तहत 1 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 3,84,84,000 शेयर जारी हो रहे हैं। इनमें लगभग 75 करोड़ रुपये के 3,26,82,000 नए शेयर और लगभग नौ करोड़ रुपये के 38,76,000 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिये बेचे जा रहे हैं। इसके अलावा 19,26,000 नए शेयर मार्केट मेकर के लिए रिजर्व रखे गए हैं।

इस आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए सिर्फ 4.75 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसके अलावा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 47.55 प्रतिशत हिस्सा और नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (एनआईआई) के लिए 42.70 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व है। इसके अलावा मार्केट मेकर के लिए पांच प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इस इश्यू के लिए फिनशोर मैनेजमेंट सर्विसेज लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है, जबकि इंटिग्रेटेड रजिस्ट्री मैनेजमेंट सर्विसेज लिमिटेड को रजिस्ट्रार बनाया गया है। वहीं अनंत सिक्योरिटीज कंपनी का मार्केट मेकर है।

लीपफ्रॉग इंजीनियरिंग सर्विसेज लिमिटेड की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत मामूली उतार चढ़ाव के बावजूद मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी को 28 लाख रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 16.39 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में मामूली गिरावट के साथ 16.22 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीने में यानी अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक कंपनी को 14.18 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका था।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी उतार चढ़ाव के बावजूद बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में इसे 105.38 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 162.88 करोड़ और वित्त वर्ष 2024-25 में घट कर 137.37 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीने में यानी अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक कंपनी को 105.05 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका था।

इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ भी लगातार बढ़ता गया। वित्त वर्ष 2022-23 के अंत में कंपनी पर 13.05 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 13.78 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 20.11 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीने में यानी अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक की बात करें, तो इस दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ 32.22 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।

इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में ये 5.32 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 21.71 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का नेटवर्थ 53.26 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीने में यानी अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक ये 67.44 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

कंपनी के रिजर्व और सरप्लस की बात करें तो इस अवधि में कंपनी इस मोर्चे पर भी बढ़त हासिल करने में सफल रही है। वित्त वर्ष 2022-23 में ये 4.84 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 21.23 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 42.54 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीने में यानी अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक ये 56.72 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया था।

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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक

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