
नई दिल्ली, 24 अप्रैल (हि.स.)। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने ओडिशा के गजपति जिले में एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय का लोहे का गेट गिरने से दो छात्राओं की कथित मौत के मामले में स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग ने इस घटना को गंभीर मानते हुए राज्य प्रशासन से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।
एनएचआरसी ने शुक्रवार को ओडिशा सरकार के मुख्य सचिव और गजपति जिले के पुलिस अधीक्षक (एसपी) को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर मामले की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। आयोग ने कहा है कि इस घटना से बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं और इसकी पूरी जांच आवश्यक है।
आयोग के अनुसार, 16 अप्रैल 2026 को प्रकाशित मीडिया रिपोर्टों के आधार पर यह संज्ञान लिया गया। रिपोर्ट के मुताबिक, 15 अप्रैल को ओडिशा के गजपति जिले में स्थित एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय का लोहे का मुख्य गेट अचानक गिर गया, जिसकी चपेट में आकर दो छात्राएं गंभीर रूप से घायल हो गईं।
घटना के तुरंत बाद दोनों छात्राओं को पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस दर्दनाक हादसे के बाद क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोगों ने विद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
एनएचआरसी ने अपने नोटिस में यह स्पष्ट किया है कि यदि मीडिया रिपोर्ट सही पाई जाती है, तो यह मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन का मामला बनता है। विशेष रूप से बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में प्रशासनिक लापरवाही की आशंका को देखते हुए आयोग ने विस्तृत जवाब मांगा है।
आयोग अब राज्य सरकार से यह जानना चाहता है कि विद्यालय परिसर में सुरक्षा मानकों का पालन क्यों नहीं किया गया और इस हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है। मामले की रिपोर्ट मिलने के बाद आयोग आगे की कार्रवाई तय करेगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्रद्धा द्विवेदी