
नई दिल्ली, 24 अप्रैल (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पंचायतीराज दिवस के अवसर पर देशभर के जनप्रतिनिधियों को शुभकामनाएं देते हुए एक संस्कृत सुभाषित के माध्यम से जनप्रतिनिधि की भूमिका और जिम्मेदारी को रेखांकित किया। प्रधानमंत्री ने शुक्रवार को एक्स पर संस्कृत सुभाषित साझा करते हुए लिखा, “प्रजासुखे सुखं राज्ञः प्रजानां च हिते हितम्। नात्मप्रियं प्रियं राज्ञः प्रजानां तु प्रियं प्रियम्॥”
प्रधानमंत्री ने इस सुभाषित का अर्थ बताते हुए कहा कि जनप्रतिनिधि की खुशी और कल्याण जनता के सुख और हित में निहित होता है। एक सच्चा जनप्रतिनिधि निजी स्वार्थ से ऊपर उठकर जनता की प्राथमिकताओं को ही अपना मानता है। प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में जनसेवा और राष्ट्रसेवा के प्रति जनप्रतिनिधियों के समर्पण की सराहना करते हुए इसे प्रेरणादायक बताया। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों को बधाई दी और उनके योगदान को देश के विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया।
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हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी