कैट ने आरबीआई की कार्रवाई का किया स्वागत, पेटीएम पेमेंट्स बैंक मामले में डाटा सुरक्षा जांच की मांग

25 Apr 2026 14:25:53

नई दिल्ली, 25 अप्रैल (हि.स.)। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड का लाइसेंस रद्द करने के निर्णय का स्वागत करते हुए इसे जनहित में उठाया गया एक निर्णायक कदम बताया है।

कैट के राष्ट्रीय महामंत्री एवं चांदनी चौक के सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने शनिवार को एक बयान में कहा कि यह निर्णय बार-बार नियामकीय नियमों की अनदेखी, प्रबंधन संबंधी विफलताओं और आरबीआई के निर्देशों की अवहेलना की गंभीरता को दर्शाता है। वर्ष 2024 में भी बैंकिंग गतिविधियों पर बड़े प्रतिबंध लगाए गए थे, लेकिन सुधार के अवसरों के बावजूद संस्था अपेक्षित बदलाव करने में विफल रही।

उन्होंने जमाकर्ताओं को लेकर आरबीआई द्वारा दिए गए आश्वासन की सराहना करते हुए कहा कि ग्राहकों का धन सुरक्षित है और उन्हें नियमानुसार वापस मिलेगा। यह भरोसा विशेष रूप से छोटे व्यापारियों, दुकानदारों, रेहड़ी-पटरी वालों और महिला उद्यमियों के लिए महत्वपूर्ण है, जो डिजिटल लेनदेन के लिए बड़े पैमाने पर पेटीएम का उपयोग करते रहे हैं।

कैट ने कहा कि किसी भी नियामकीय कार्रवाई से सूक्ष्म और छोटे व्यापारियों को असुविधा हो सकती है, इसलिए अधिकारियों को सुचारु संक्रमण व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए, ताकि लेनदेन प्रभावित न हो।

कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीसी भरतिया ने पेटीएम प्लेटफॉर्म के माध्यम से एकत्र किए गए विशाल वित्तीय और उपभोक्ता डाटा के प्रबंधन एवं भंडारण की व्यापक जांच की मांग की है। उन्होंने विदेशी निवेश, विशेषकर चीन से जुड़ी संस्थाओं की हिस्सेदारी के मद्देनजर डाटा सुरक्षा और डाटा संप्रभुता के पहलुओं की गहन जांच पर जोर दिया।

भरतिया ने कहा कि डिजिटल भुगतान आधुनिक व्यापार की रीढ़ है और फिनटेक प्लेटफॉर्म्स पर जनता का विश्वास बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि आरबीआई की कार्रवाई यह स्पष्ट संदेश देती है कि कोई भी संस्था नियमों का उल्लंघन कर ग्राहकों के हितों की अनदेखी नहीं कर सकती।

खंडेलवाल ने कहा कि वित्तीय नवाचार को पारदर्शिता, जवाबदेही और भारतीय कानूनों के पूर्ण अनुपालन के साथ आगे बढ़ना चाहिए, जिसमें उपभोक्ताओं और राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार

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