पूर्व जज बावड़ियों के समान, उनके ज्ञान और अनुभव का लें लाभ: सीजेआई सूर्यकांत

25 Apr 2026 19:07:55
राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से आयोजित द बेंच बियोंड रिटायरमेंट विषय पर आयोजित कॉन्फ्रेंस में मौजूद सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत व मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा


जयपुर, 25 अप्रैल (हि.स.)। उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत ने कहा कि प्रदेश में बारिश के पानी को बावड़ी में सहेजा जाता है। हमारे पूर्व जज भी इन्हीं बावड़ियों के समान हैं, जिनसे हम परेशानी में मदद ले सकते हैं। ऐसे में इन्हें भी सहेजने की जरूरत है। ये लोग ही हमें उचित और अनुचित का फर्क बताएंगे।

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत जयपुर में शनिवार को राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से 'द बेंच बियोंड रिटायरमेंट' विषय पर आयोजित सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में प्रदेश के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के साथ उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी भी उपस्थित थीं।

मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि आज देश की जनता का न्यायपालिका पर गहरा विश्वास है। हमारे एक-एक शब्द को लोग पूजनीय मानते हैं। ऐसे में न्यायपालिका और उससे जुड़ी संस्थाओं को जागरूक होने की जरूरत है। हमारा दायित्व है कि हम लोगों का न्यायपालिका के प्रति विश्वास बनाए रखे। उन्होंने कहा कि हमें यह ध्यान में रखना चाहिए कि जज हमेशा जज रहता है। लोक अदालत जैसे माध्यमों से लाखों लोगों को न्याय मिलता है। उन्होंने कहा कि पूर्व जज आमजन को न्याय दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। वे स्कूल, कॉलेजों और ग्राम पंचायतों तक जाकर आमजन को न्यायिक प्रक्रिया और उनके अधिकारों के बारे में जागरूक कर सकते हैं। इस दौरान उन्होंने उच्च न्यायालय में यूनिफॉर्म रजिस्ट्रेशन नंबर सिस्टम का बटन दबाकर शुरुआत की।

सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि यह वह पीढ़ी है, जिसने देश में बड़े बदलाव देखे हैं। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका संविधान और कानून की रक्षक है। वह हर नागरिक को समान अधिकार देती है। जिस व्यक्ति को न्याय की जरूरत है, उसके लिए न्यायाधीश एक उम्मीद है। न्यायाधीश का एक बयान समाज के जीवन का आधार बनता है। आप समाज को जो दिशा देते हैं, उसकी समाज से मान्यता मिलती है।

मुख्यमंत्री ने पूर्व जजों को कहा कि वे रिटायर होने के बाद भी समाज को नई दिशा दे रहे हैं। नए न्यायाधीश आते हैं और पूर्व जजों से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ते हैं। उन्होंने कहा कि आमजन सीधे अदालत जाने से पहले लोक अदालत का दरवाजा जरूर खटखटाएं, इसमें बहुत काम होते हैं और लोगों को राहत मिलती है।

इस मौके पर उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश एसपी शर्मा ने कहा कि अदालतों में मुकदमों की भरमार होने से लोगों को न्याय मिलने में देरी हो रही है। डिजिटल इन्फास्ट्रक्चर बढ़ने से न्यायिक प्रक्रिया में तकनीक का उपयोग बढ़ा है। उन्होंने कहा कि एक जज की यात्रा रिटायर होने के बाद समाप्त नहीं होती है। पूर्व जज न्याय दिलाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।

कॉन्फ्रेंस के बाद राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण को दिए गए मल्टी यूटिलिटी वाहनों को उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश, उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश और मुख्यमंत्री ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ये वाहन प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में जाकर लोगों को उनके अधिकारों और विधिक सेवा प्राधिकरण की योजनाओं के बारे में जागरूक करेंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / पारीक

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