
भोपाल, 26 अप्रैल (हि.स.)। ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई के प्रतिनिधि मौलाना डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही रविवार को मध्य प्रदेश के राजधानी भोपाल पहुंचे हैं। वे यहां आयोजित इत्तेहाद-उल-मुस्लिमीन जलसे में शामिल हुए और “उम्मत की एकता” का संदेश देते हुए आपसी मतभेद भुलाने का आह्वान किया।
दरअसल, मुस्लिम समाज की एकता और भाईचारे को मजबूत करने के उद्देश्य से भोपाल के कोहेफिजा स्थित एमआईजी हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में ‘इत्तेहाद-उल-मुस्लिमीन जलसा’ का आयोजन किया गया था। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग तिरंगा लेकर पहुंचे, जिससे आयोजन स्थल पर एकजुटता का माहौल देखने को मिला। वहीं कुछ छोटे बच्चे फिलिस्तीन झंडे छपी हुई टी-शर्ट में नजर आए, जिसकी दूसरी तरफ ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई का फोटो लगा हुआ था।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ईरान के सुप्रीम लीडर के के प्रतिनिधि मौलाना डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही के आगमन के साथ ही कार्यक्रम में उत्साह और बढ़ गया है। विभिन्न मसालक के उलेमा एक मंच पर मौजूद हैं और समाज में आपसी मतभेद खत्म कर “सिर्फ उम्मत” की सोच को मजबूत करने का संदेश दे रहे हैं।
जलसे में मप्र कम्युनिस्ट पार्टी के सचिव शैलेंद्र शैली ने अपने संबोधन में ईरान और भारत के ऐतिहासिक संबंधों का जिक्र करते हुए कहा कि ईरान को वे “पूर्वजों का देश” मानते हैं और दोनों देशों के बीच गहरे सांस्कृतिक व ऐतिहासिक रिश्ते रहे हैं। उन्होंने 1994 के संयुक्त राष्ट्र के उस घटनाक्रम का उल्लेख किया, जब पाकिस्तान भारत के खिलाफ प्रस्ताव लाना चाहता था, लेकिन ईरान ने भारत का समर्थन किया था। उन्होंने कहा कि यह इतिहास का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसे भुलाया नहीं जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि ईरान के साथ खड़ा होना मानवता, न्याय और मानवीय मूल्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करना है। उनके मुताबिक, यह फासीवाद और अमेरिकी साम्राज्यवाद के खिलाफ आवाज उठाने का भी प्रतीक है। शैली ने फिलिस्तीन के मुद्दे का जिक्र करते हुए कहा कि इस समय ईरान के समर्थन का मतलब फिलिस्तीन के साथ एकजुटता दिखाना भी है। अंत में शैली ने लोगों से अपील की कि वे ईरान के समर्थन में एकजुट हों, ताकि आने वाली पीढ़ियां यह न कहें कि जब अन्याय और अत्याचार बढ़ रहा था, तब हम चुप रहे। यह ऐतिहासिक जिम्मेदारी है कि हक और इंसाफ के लिए आवाज बुलंद की जाए और दुनिया भर के लोग एकजुट होकर अन्याय का विरोध करें।
शिया समुदाय के इमाम सहित अन्य धर्मगुरु भी रहे शामिल
कार्यक्रम में मुफ्ती डॉ. इरफान आलम साहब कासमी, रणवीर सिंह वजीर (प्रदेश उपाध्यक्ष, अल्पसंख्यक विभाग), राजकुमार वर्मा (सदस्य, कांग्रेस कमेटी), फतेहगढ़ इमामबाड़ा के इमाम मौलाना राजीउल हसन साहब और शाहजहानाबाद गुरुद्वारे के ग्रंथी अरिजीत सिंह भी शामिल हुए। विभिन्न धर्मों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी ने कार्यक्रम को सांप्रदायिक सौहार्द और एकता का संदेश दिया।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर