
काठमांडू, 27 अप्रैल (हि.स.)। भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री 11 और 12 मई को नेपाल के दौरे पर रहेंगे। काठमांडू स्थित भारतीय राजदूतावास और दिल्ली स्थित नेपाली दूतावास के अधिकारियों के अनुसार, मिस्री की दो दिवीय यात्रा के कार्यक्रम के लिए दोनों पक्षों के बीच अनौपचारिक बातचीत शुरू हो गई है।मिस्री को नेपाल के विदेश सचिव अमृत राई ने औपचारिक निमंत्रण भेजा था।
बालेन्द्र शाह के नेतृत्व में नई सरकार के गठन के बाद भारत से किसी बड़े राजनयिक की यह पहली यात्रा होगी। हालांकि इससे पहले मॉरिशस में आयोजित नौवें हिंद महासागर सम्मेलन के दौरान नेपाल के विदेशमंत्री शिशिर खनाल और भारतीय विदेशमंत्री डॉ. एस जयशंकर की मुलाकात हो चुकी है।
इस मुलाकात में जयशंकर ने कहा था कि विदेशमंत्री और प्रधानमंत्री स्तर की यात्राओं को परिणाममूलक बनाने के लिए नई नेपाल सरकार की प्राथमिकताओं को समझना जरूरी है। इसी उद्देश्य से उन्होंने विदेश सचिव विक्रम मिस्री को काठमांडू भेजने का प्रस्ताव रखा था। हालांकि मिस्री की काठमांडू यात्रा का एजेंडा अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है।
यात्रा से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, वे काठमांडू में नई सरकार की प्राथमिकताओं और नई दिल्ली की अपेक्षाओं पर चर्चा करेंगे। शनिवार को नई दिल्ली में नेपाली पत्रकारों के साथ बातचीत में विक्रम ने कहा कि वह बहुत जल्द काठमांडू जाएंगे। माना जा रहा है कि इस दौरान वह भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ओर से नेपाल के प्रधानमंत्री शाह को भारत यात्रा का निमंत्रण पत्र भी सौंप सकते हैं।
विदेश मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, मंत्री शिशिर खनाल भारत समर्थित परियोजनाओं की स्थिति, उनकी प्रगति, सामने आई बाधाओं और सहयोग के नए क्षेत्रों को लेकर विभिन्न मंत्रियों के साथ लगातार चर्चा कर रहे हैं। मॉरिशस में खनाल और जयशंकर की मुलाकात में इस बात पर सहमति बनी थी कि उच्चस्तरीय बैठकों से पहले दोनों देश अपनी-अपनी प्राथमिकताओं पर ध्यान देते हुए द्विपक्षीय तंत्र को सक्रिय करेंगे और सहयोग के नए क्षेत्रों की पहचान करेंगे।
नेपाल और भारत के बीच जिला स्तर से लेकर विदेश मंत्री स्तर तक सुरक्षा, जल संसाधन, सिंचाई, सीमा प्रबंधन, व्यापार, वाणिज्य और कृषि समेत करीब तीन दर्जन द्विपक्षीय तंत्र मौजूद हैं। इनमें कुछ की बैठकें नियमित होती हैं, जबकि कुछ वर्षों से नहीं हुई हैं।
भारत की आर्थिक और तकनीकी सहायता से नेपाल में दर्जनों परियोजनाएं चल रही हैं। इनमें कुछ में अच्छी प्रगति हुई है, जबकि कुछ परियोजनाएं अभी भी लक्ष्य के अनुरूप आगे नहीं बढ़ सकी हैं।
मॉरिशस में बनी सहमति के अनुसार, नेपाल का विदेश मंत्रालय अपनी प्राथमिकताएं तय करने के लिए तैयारी कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि विक्रम के काठमांडू आने से पहले विभिन्न स्तरों पर और बैठकें होंगी।
मिस्री के नई दिल्ली लौटने के बाद वहां के राजनीतिक नेतृत्व के साथ नेपाल की प्राथमिकताओं पर चर्चा होगी, जिससे भविष्य के उच्चस्तरीय दौरों का रास्ता साफ हो सकता है। इस बीच नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल का भारत दौरा भी तय हो गया है। वह मई के आखिर में नई दिल्ली में होने वाले इंडिया अफ्रीका फोरम समिट में सहभागी होंगे।
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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज दास