स्टॉक मार्केट में सिटियस ट्रांसनेट की मजबूत शुरुआत, फायदे में आईपीओ निवेशक

29 Apr 2026 16:04:53
प्रतीकात्मक


नई दिल्ली, 29 अप्रैल (हि.स.)। इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के सिटियस ट्रांसनेट इनवेस्टमेंट ट्रस्ट के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट में प्रीमियम एंट्री करने सफलता हासिल की। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 100 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज बीएसई पर इनकी लिस्टिंग 4.5 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 104.50 रुपये के स्तर पर और एनएसई पर 4.6 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 104.60 रुपये के स्तर पर हुई। लिस्टिंग के बाद लिवाली के सपोर्ट से उछल कर 107.13 रुपये के स्तर पर पहुंचा। हालांकि बाद में मुनाफा वसूली के कारण हुई बिकवाली के कारण इसमें मामूली गिरावट भी आई। पूरे दिन के कारोबार के बात ये शेयर एनएसई पर 6.23 प्रतिशत की बढ़त के साथ 106.23 रुपये के स्तर पर और बीएसई पर 5.93 प्रतिशत की बढ़त के साथ 105.93 रुपये के स्तर पर बंद हुआ।

सिटियस ट्रांसनेट इनवेस्टमेंट ट्रस्ट का 1,105 करोड़ रुपये का आईपीओ 17 से 21 अप्रैल के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से अच्छा रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 20.42 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व पोर्शन 23.21 गुना सब्सक्राइब हुआ था। वहीं, नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में 17 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। इस पब्लिक इश्यू का 75 प्रतिशत हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व रखा गया था, जबकि 25 प्रतिशत हिस्सा नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व रखा गया था।

सिटियस ट्रांसनेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत में उतार-चढ़ाव होता रहा है। वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी को 6454.01 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 774.12 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में घट कर 417.75 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष में अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक कंपनी को 219.05 करोड़ रुपये का शुद्ध नुकसान हो चुका है।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में इसे 1,885.30 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 2,038.53 करोड़ और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 2,65.62 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष में अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक कंपनी को 1,570.39 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका है।

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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक

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