
काठमांडू, 29 अप्रैल (हि.स.)। नेपाल की बालेन्द्र सरकार ने सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग रोकने के लिए अवैध रूप से इस्तेमाल किए जा रहे सैकड़ों सरकारी वाहनों को वापस लेना शुरू कर दिया है। सरकार ने अब तक 622 सरकारी वाहन जब्त किए हैं।
प्रधानमंत्री कार्यालय ने उन वाहनों को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू की है, जिनका उपयोग अधिकारी और कर्मचारी कानूनी प्रावधानों के बजाय प्रभाव और पहुंच के आधार पर कर रहे थे। अब तक विभिन्न मंत्रालयों, उनके अधीनस्थ निकायों और संवैधानिक आयोगों से कुल 622 सरकारी वाहन वापस लिए जा चुके हैं।
प्रधानमंत्री सचिवालय द्वारा की गई प्रारंभिक जांच में पाया गया कि कानूनी रूप से केवल प्रथम श्रेणी के राजपत्रित अधिकारी या उससे ऊपर के अधिकारियों को ही सरकारी वाहन उपयोग करने का अधिकार है, लेकिन निचले स्तर के कर्मचारी और अधिकारी भी चार पहिया सरकारी वाहनों का इस्तेमाल कर रहे थे।
जांच के दौरान सभी सरकारी निकायों से उनके अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा उपयोग किए जा रहे वाहनों का विस्तृत विवरण मांगा गया था। एकत्रित आंकड़ों के आधार पर प्रधानमंत्री कार्यालय ने 23 अप्रैल को सभी मंत्रालयों, सरकारी एजेंसियों एवं संवैधानिक निकायों को परिपत्र जारी कर मौजूदा कानूनों के उल्लंघन कर इस्तेमाल हो रहे वाहनों को तुरंत वापस करने का निर्देश दिया।
प्रधानमंत्री सचिवालय ने बताया कि अवैध रूप से सरकारी वाहनों के उपयोग से राज्य पर पड़े आर्थिक बोझ का आकलन करने के लिए विस्तृत अध्ययन किया जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती ईंधन कीमतों और देश की आर्थिक चुनौतियों के बीच सरकार ईंधन, रखरखाव और अन्य संबंधित खर्चों में कटौती करना चाहती है।
सचिवालय के अनुसार यह अभियान अनावश्यक सार्वजनिक खर्च कम करने और प्रशासनिक अनुशासन लागू करने की व्यापक पहल का हिस्सा है, जिसे बेहतर सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज दास