नेपालः संसद अधिवेशन स्थगित कर अध्यादेश लाने के खिलाफ विपक्षी दल एकजुट

29 Apr 2026 15:37:53
नेपाल के विपक्षी दलों की बैठक


काठमांडू, 29 अप्रैल (हि.स.)। नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह की सरकार द्वारा संसद को दरकिनार कर अध्यादेश लाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के बाद विपक्षी दल एकजुट होने लगे हैं। प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने मंगलवार को संवैधानिक परिषद् और सहकारी से जुड़े दो अध्यादेशों को राष्ट्रपति के पास सिफारिश की थी, जिसके बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।

प्रधानमंत्री शाह, जो संवैधानिक परिषद में अल्पमत में हैं, उन्होंने ऐसा प्रावधान प्रस्तावित किया है जिसके तहत केवल तीन सदस्यों की उपस्थिति में भी निर्णय लिया जा सकेगा। इसे पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली द्वारा अपनाए गए पुराने तरीके से जोड़ा जा रहा है।

इस घटनाक्रम के बाद मुख्य विपक्षी दल नेपाली कांग्रेस द्वारा बुलाई गई विपक्षी दलों ने बैठक कर सरकार के इस कदम का विरोध किया है। विपक्षी दलों का कहना है कि सरकार ने गलत नीयत से अध्यादेश लाने का काम किया है। नेपाली कांग्रेस के संसदीय दल के नेता भीष्म अंगदांबे ने बताया कि सभी विपक्षी दलों के प्रतिनिधि राष्ट्रपति से मुलाकात कर सरकार द्वारा सिफारिश किए गए अध्यादेश को स्वीकृत नहीं करने की मांग करने वाले हैं।

विपक्षी दलों की संयुक्त बैठक में यूएमएल पार्टी के संसदीय दल के नेता रामबहादुर थापा, पार्टी के मुख्य सचेतक युवराज दुलाल, राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी की ओर से सांसद सरस्वती लामा, नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी के तरफ से सांसद मात्रिका यादव तथा श्रम संस्कृति पार्टी के तरफ से सांसद हर्क सांपांग शामिल रहे।

इसी तरह बैठक में सहभागी आरपीपी की सांसद लामा ने कहा कि सरकार के पास दो तिहाई बहुमत होने के बावजूद अध्यादेश लाकर शासन करने की परंपरा गलत राजनीतिक उदाहरण है। लामा का कहना है कि सरकार संसद के प्रति उत्तरदायी है लेकिन ऐसा लग रहा है कि वह संसद का सामना नहीं करना चाह रही है।

नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी के सांसद मात्रिका यादव ने कहा कि पिछली सरकारी द्वारा इसी तरह अध्यादेश लाने पर आरएसपी के अध्यक्ष रवि लामिछाने बहुत विरोध करते थे, उसे तानाशाही प्रवृति कहा करते थे लेकिन अभी खुद उनकी पार्टी के पास दो तिहाई सरकार होने के बावजूद संसद को स्थगित कर अध्यादेश के माध्यम से देश चलाने का प्रयास किया जा रहा है।

----

हिन्दुस्थान समाचार / पंकज दास

Powered By Sangraha 9.0