ब्रिटेन में ईरानी दूतावास के संदेश पर राजदूत तलब, विदेश मंत्रालय ने कहा- यह सब अस्वीकार्य व भड़काऊ

29 Apr 2026 13:32:53
ब्रिटेन में ईरान का दूतावास। नजर आ रहे हैं राजदूत सैयद अली मूसावी। दूतावास का यह संदेश टेलीग्राम चैनल में फारसी में है। फोटो कोलाज - डेली मेल एक्स पोस्ट


ब्रिटेन के अखबार डेली मेल की रिपोर्ट।


लंदन, 29 अप्रैल (हि.स.)। ब्रिटेन स्थित ईरानी दूतावास के अपने देशवासियों के नाम सोशल मीडिया पर जारी संदेश को विदेश मंत्रालय ने गंभीरता से लिया है। ब्रिटेन के विदेश मंत्रालय ने इस संदेश को ब्रिटेन की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताते हुए राजदूत सैयद अली मूसावीको तलब किया। ब्रिटेन ने कहा कि ऐसा बयान पूरी तरह अस्वीकार्य और भड़काऊ है। यह संदेश दूतावास ने हाल ही में जारी किया है। इसमें ब्रिटेन में रह रहे ईरानियों से अपने देश के लिए जान कुर्बान करने की अपील की गई है।

ब्रिटेन के अखबार डेली मेल में इस संदेश का खुलासा होने पर कूटनीतिक विवाद खड़ा हो गया। ब्रिटिश सरकार ने इसे अस्वीकार्य बताया है। ईरानी दूतावास ने इसे देशभक्ति का प्रतीक बताया है। रिपोर्ट के अनुसार ईरानी दूतावास ने अपने आधिकारिक टेलीग्राम चैनल पर यह संदेश जारी किया। संदेश में दूतावास ने ब्रिटेन में रह रहे प्रवासियों से 'खुद को कुर्बान करने' का आह्वान किया था।

ब्रिटेन की आतंकवादरोधी पुलिस ने पुष्टि की है कि वह उस सोशल मीडिया पोस्ट की जांच कर रही है, जिसमें 'गर्वित ईरानी हमवतनों' से शहादत के कार्यक्रम में शामिल होने का आह्वान किया गया था। दूतावास के आधिकारिक टेलीग्राम चैनल पर फारसी भाषा में की गई पोस्ट में लिखा गया, ''आइए, हम सब मिलकर, एक-एक करके, अपने शरीर को कुर्बान कर दें, क्योंकि यह अपने देश को दुश्मन के हवाले करने से कहीं बेहतर है।''

इस संदेश पर कूटनीतिक चिंता बढ़ने पर मंगलवार को मध्य-पूर्व मामलों के मंत्री हैमिश फॉल्कनर ने ईरानी राजदूत सैयद अली मूसावी को विदेश मंत्रालय में तलब किया। विदेश मंत्रालय के बयान में कहा गया कि यह कदम 'सोशल मीडिया पर ईरानी दूतावास की अस्वीकार्य और भड़काऊ टिप्पणियों के जवाब में उठाया गया।

इसमें कहा गया, ''मंत्री ने साफ कर दिया कि ये हरकतें और टिप्पणियां पूरी तरह से अस्वीकार्य हैं। दूतावास को किसी भी तरह का ऐसा संचार तुरंत बंद कर देना चाहिए, जिसकी व्याख्या ब्रिटेन या अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हिंसा को बढ़ावा देने के तौर पर की जा सकती हो। ब्रिटिश सरकार का यह स्पष्ट रुख है कि राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है और ब्रिटिश लोगों की सुरक्षा के लिए हम सभी आवश्यक कदम उठाएंगे।'' उधर, ईरानी दूतावास ने इस बात पर जोर दिया है कि 'जान फिदा' या 'जान कुर्बान करने' वाला कार्यक्रम किसी भी तरह की शत्रुता को बढ़ावा नहीं देता है।

ईरान के निर्वासित क्राउन प्रिंस रजा पहलवी के चीफ ऑफ़ स्टाफ कैमरन खानसारनिया ने कहा, यह ब्रिटेन की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक सीधा खतरा है। यह एक कड़ी चेतावनी है कि ब्रिटिश धरती पर और ज्यादा आक्रामकता की साजिश रची जा रही है। इजराइल ने भी इस पोस्ट की कड़ी आलोचना की है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि ईरानी शासन ब्रिटेन में अपने दूतावास का इस्तेमाल आतंकवादियों की भर्ती के लिए कर रहा है।

यह महत्वपूर्ण है कि प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने पिछले सप्ताह किंग्स स्पीच के दौरान कहा था कि वह ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) को जल्द ही आतंकवादी संगठन घोषित करेंगे। अमेरिका और कनाडा पहले ही आईआरजीसी को आतंकी संगठन घोषित कर चुके हैं।

ईरान से कथित तौर पर जुड़ा इस्लामी संगठन 'हरकत अशहाब अल-यामीन अल-इस्लामिया' पिछले हफ्ते के अंत में उत्तर-पश्चिमी लंदन के हैरो स्थित केंटन यूनाइटेड सिनेगॉग में आगजनी की घटना की जिम्मेदारी भी ले चुका है। ब्रिटेन की खुफिया एजेंसियां इस संगठन के ईरानी शासन से जुड़े होने के आरोपों की जांच कर रही हैं। लंदन स्थित ईरानी दूतावास के एक प्रवक्ता ने कहा, ''दुनिया भर में बसे ईरानी लोग हमेशा से अपनी मातृभूमि और उसकी क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा को लेकर बेहद संजीदा रहे हैं और वे हमेशा ऐसे ही रहेंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकुंद

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