
कोलकाता, 03 अप्रैल (हि. स.)। भारत निर्वाचन आयोग ने पूर्व बर्दवान जिले में कर्तव्य में गंभीर लापरवाही के आरोप में एक संयुक्त खंड विकास अधिकारी तथा सहायक रिटर्निंग अधिकारी को निलंबित करने का आदेश दिया है।
निलंबित अधिकारी की पहचान ज्योत्स्ना खातून के रूप में हुई है, जो पूर्व बर्दवान जिले के खंडघोष विकास खंड में संयुक्त खंड विकास अधिकारी-सह-सहायक रिटर्निंग अधिकारी के पद पर कार्यरत थीं।
निर्वाचन आयोग के सचिव सुजीत कुमार मिश्रा ने इस संबंध में राज्य के मुख्य सचिव दुश्यंत नारियाला को भेजे संदेश में खातून को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने तथा उनके खिलाफ विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने का निर्देश दिया है। संदेश में कहा गया है कि आयोग के निर्देशों को तुरंत लागू किया जाए तथा इस संबंध में अनुपालन रिपोर्ट चार अप्रैल 2026 को सुबह 11 बजे तक भेजी जाए।
इसी बीच आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद आयोग द्वारा किए गए अधिकारियों के तबादलों की संख्या, आचार संहिता लागू होने से पहले राज्य सरकार द्वारा किए गए बड़े पैमाने के तबादलों की तुलना में काफी कम है।
आयोग के अनुसार, 27 अक्तूबर 2025 को विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया शुरू होने से लेकर 16 मार्च 2026 को चुनाव की घोषणा तक राज्य सरकार ने कुल 1370 अधिकारियों का तबादला किया था। इनमें 97 भारतीय प्रशासनिक सेवा, 146 भारतीय पुलिस सेवा, 1080 पश्चिम बंगाल सिविल सेवा तथा 47 पश्चिम बंगाल पुलिस सेवा के अधिकारी शामिल थे।
आयोग के एक सूत्र के अनुसार, राज्य सरकार द्वारा पैदा की गई इस प्रशासनिक अव्यवस्था को आयोग ने सीमित संख्या में तबादले कर संतुलित किया।
वहीं, राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय ने शुक्रवार को एक्स पर जारी संदेश में कहा कि 294 विधानसभा सीटों पर इस महीने दो चरणों में होने वाले चुनाव को स्वतंत्र, निष्पक्ष और हिंसा-मुक्त कराने के लिए आयोग ने शून्य सहनशीलता की नीति अपनाई है।
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हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर