
नई दिल्ली, 30 अप्रैल (हि.स)। वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग (डीएफएस) ने वित्त वर्ष 2025-26 में बैंकिंग कार्मिक चयन संस्थान (आईबीपीएस) के माध्यम से 50 हजार से अधिक कर्मचारियों की भर्ती करके सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पीएसबी) को सुदृढ़ किया है।
वित्त मंत्रालय ने गुरुवार को एक बयान में बताया कि डीएफएस ने सुनियोजित कार्यबल विस्तार, बेहतर परिचालन दक्षता और शासन-उन्मुख सुधारों के माध्यम से सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पीएसबी) में मानव संसाधन क्षमता को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर और लक्षित उपाय किए हैं। मंत्रालय ने कहा कि यह रणनीतिक विस्तार परिचालन दक्षता, डिजिटल बैंकिंग और ग्राहक सेवा को बेहतर बनाने के लिए एक सुनियोजित मानकीकृत भर्ती प्रक्रिया का हिस्सा है।
मंत्रालय के मुताबिक सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में भर्ती प्रक्रिया बैंकिंग कार्मिक चयन संस्थान (आईबीपीएस) के माध्यम से भाग लेने वाले बैंकों की विशिष्ट जनशक्ति आवश्यकताओं के अनुसार संचालित की जाती है। यह केंद्रीकृत और मानकीकृत ढांचा चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता और दक्षता सुनिश्चित करता है। पीएसबी से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार वित्त वर्ष 2025-26 में कुल 50,552 उम्मीदवारों का चयन किया गया और उन्हें नियुक्ति पत्र जारी किए गए। यह बैंकिंग क्षेत्र की बढ़ती व्यावसायिक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए मानव संसाधन में महत्वपूर्ण वृद्धि दर्शाता है। मंत्रालय के मुताबिक वित्त वर्ष 2023-24 में यह आंकड़ा 30,827 था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़कर 37,860 हो गया।
मजबूत परिचालन क्षमता और कार्यभार का कम दबाव, ग्राहक सेवा वितरण और प्रतिक्रिया में सुधार, कम सुविधा प्राप्त क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं के विस्तार को समर्थन, वित्तीय समावेशन को बढ़ावा मिलने से ऋण तक पहुंच और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक देश की विकास यात्रा में प्रभावी ढंग से सहयोग करने में सक्षम होंगे।
मंत्रालय ने कहा कि केंद्र सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को पर्याप्त, कुशल और भविष्य के लिए तैयार मानव संसाधनों से लैस किया जाए, जिससे वे वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने, आर्थिक गतिविधि का समर्थन करने और अर्थव्यवस्था की बदलती जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें। यह पीएसबी में कार्यबल में स्पष्ट और निरंतर वार्षिक विस्तार और पीएसबी कार्यालयों में पर्याप्त कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में एक सुनियोजित दृष्टिकोण को दर्शाता है।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर