जम्मू-श्रीनगर वंदे भारत एक्सप्रेस की सुरक्षा में आरपीएफ कमांडो सहित 21 सुरक्षाकर्मी तैनात

30 Apr 2026 16:16:53

जम्मू 30 अप्रैल (हि.स.)। जम्मू-श्रीनगर वंदे भारत एक्सप्रेस सुरक्षा में आरपीएफ कमांडो सहित 21 सुरक्षाकर्मी तैनात रहेंगे। रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव ने गुरुवार को मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह की उपस्थिति में 20 डिब्बों वाली इस ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जिससे जम्मू और श्रीनगर के बीच यात्रा का समय घटकर पांच घंटे होने की उम्मीद है।

पत्रकारों से बात करते हुए भारतीय रेलवे सुरक्षा बल सेवा के प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त पंकज गंगवार ने कहा कि आज से जम्मू से इस सेवा का शुभारंभ हो रहा है। इसकी नियमित सेवा 2 मई से शुरू होगी। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक सुरक्षा के लिए हमने ‘एक प्लस बीस’ सुरक्षा प्रणाली तैनात की है। एक इंस्पेक्टर टीम का नेतृत्व करेगा, जिसमें आठ रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) कमांडो पूरे मार्ग पर सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे। साथ ही उन्होंने बताया कि वे अत्याधुनिक हथियारों से पूरी तरह लैस होंगे।

अधिकारी ने बताया कि रेलवे सुरक्षा उद्देश्यों के लिए ट्रेन से आगे एक पायलट वाहन भी चलाएगा। यह सुबह पहले ही निकल जाएगा और मार्ग में किसी भी कमी का पता लगाएगा। इसके अलावा, हर 2 किलोमीटर पर सुरक्षा चौकियां स्थापित की गई हैं जिन पर सरकारी रेलवे पुलिस और नागरिक पुलिस कर्मियों की त्वरित प्रतिक्रिया टीमें तैनात हैं। उन्होंने कहा कि कोई भी सूचना मिलने पर वे तुरंत प्रभावित क्षेत्र को सुरक्षित कर लेंगे।

सुरंग सुरक्षा के बारे में उन्होंने बताया कि एक सुरंग नियंत्रण प्रणाली स्थापित की गई है, जिसका प्रबंधन इंजीनियरिंग टीमों और सरकारी रेलवे पुलिस द्वारा संयुक्त रूप से किया जाता है। उन्होंने कहा कि किसी भी असामान्य गतिविधि-चाहे आग हो या घुसपैठ का पता लगाने के लिए सेंसर लगाए गए हैं, जो तुरंत अलार्म बजाते हैं। सुरंगों के दोनों सिरों पर सुरक्षा व्यवस्था है। आपातकालीन स्थिति में फंसे यात्रियों को सुरक्षित निकालने के लिए आपातकालीन सुरंगें बनाई गई हैं।

गंगवार ने कहा कि आप देखेंगे कि पूरे मार्ग पर पूर्ण और मजबूत सुरक्षा व्यवस्था है। अधिकारी ने बताया कि लगभग 43,780 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 327 किलोमीटर लंबी इस रेलवे लाइन में 119 किलोमीटर में फैली 36 सुरंगें और 943 पुल शामिल हैं। यह परियोजना कश्मीर घाटी और देश के शेष हिस्सों के बीच हर मौसम में निर्बाध रेल संपर्क प्रदान करती है, जिसका उद्देश्य क्षेत्रीय आवागमन को बेहतर बनाना और सामाजिक-आर्थिक एकीकरण को बढ़ावा देना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले वर्ष 6 जून को कटरा और श्रीनगर के बीच पहली वंदे भारत ट्रेन सेवा को हरी झंडी दिखाकर कश्मीर घाटी और जम्मू क्षेत्र के बीच पहले रेल संपर्क की शुरुआत की थी।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुमन लता

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