
नई दिल्ली, 06 अप्रैल (हि.स.)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सह-सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल ने सोमवार को कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल जानकारी देना नहीं बल्कि ऐसे नागरिकों का निर्माण करना है जिनमें राष्ट्र के प्रति समर्पण, समाज के प्रति संवेदनशीलता और जीवन के प्रति समग्र दृष्टि हो।
डॉ. कृष्ण गोपाल ने दिल्ली स्थित विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान की वार्षिक साधारण सभा 2026 का समापन सत्र के दौरान यह बात कही।
उन्होंने कहा, आज जब विश्व तेजी से बदल रहा है, तब भारतीय दृष्टि पर आधारित मूल्यनिष्ठ शिक्षा ही समाज को सही दिशा दे सकती है। विद्या भारती इसी उद्देश्य के साथ राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया को सशक्त बना रही है।”
इस मौके पर अपने उद्बोधन में वक्ताओं ने कहा कि विद्या भारती केवल शिक्षा का प्रसार करने वाला संगठन नहीं बल्कि राष्ट्र निर्माण का एक सशक्त माध्यम है, जो शिक्षा के माध्यम से चरित्र निर्माण, राष्ट्रीय चेतना और सामाजिक उत्तरदायित्व का विकास करता है।
चार दिनों तक चले विचार-मंथन में शिक्षा की गुणवत्ता, भारतीय ज्ञान परंपरा का समावेश, नई शिक्षा नीति का प्रभावी क्रियान्वयन, तकनीकी युग में नवाचार तथा विद्यार्थियों में संस्कारों के संवर्धन जैसे विषयों पर गहन चर्चा की गई।
समापन सत्र में संगठन की ओर से आगामी वर्षों हेतु कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव एवं संकल्प लिए गए। इसमें वर्ष 2030 तक देश के प्रत्येक जिले में विद्यालय स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया। समाज में नशे की बढ़ती प्रवृत्ति के विरुद्ध व्यापक जन-जागरण अभियान चलाने का निर्णय लिया गया।
इसके अलावा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से 50 कौशल विकास केंद्रों की स्थापना के लिए पायलट प्रोजेक्ट प्रारंभ करने की घोषणा की गई। वर्ष 2027 में संगठन के 75 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर ‘अमृत महोत्सव’ के माध्यम से कार्यों के विस्तार एवं दृढ़ीकरण का संकल्प लिया गया।
आधुनिक तकनीकी परिवेश को ध्यान में रखते हुए शीघ्र ही डिजिटल शिक्षा से जुड़े नवाचार एवं प्लेटफॉर्म प्रारंभ किए जाएंगे। साथ ही, शैक्षिक, सांस्कृतिक एवं राष्ट्रबोध से युक्त सामग्री के प्रसार हेतु ‘विद्या भारती टीवी’ प्रारंभ करने की घोषणा भी की गई।
इस चार दिवसीय सत्र में अखिल भारतीय अध्यक्ष डॉ. रविंद्र कान्हेरे, महामंत्री देशराज शर्मा, संगठन मंत्री गोविंद महंत सहित अन्य विद्या भारती के 350 वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्रद्धा द्विवेदी