
नई दिल्ली, 06 अप्रैल (हि.स)। गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (जीईएम) ने कुल 18.4 लाख करोड़ रुपये का संचयी सकल व्यापार मूल्य (जीएमवी) हासिल कर एक प्रमुख डिजिटल सार्वजनिक खरीद मंच के रूप में अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। लघु एवं मध्यम उद्यमों, महिला नेतृत्व वाले उद्यमों और स्टार्टअप उद्यमों की बढ़ती भागीदारी के साथ जीईएम पर सार्वजनिक खरीद में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के मुताबिक यह प्लेटफॉर्म एक पारदर्शी, कुशल और समावेशी डिजिटल सार्वजनिक खरीद प्रणाली के रूप में लगातार विकसित हो रहा है, जो भारत की सार्वजनिक अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में योगदान दे रहा है। यह उपलब्धि सरकारी संस्थाओं में बड़े पैमाने पर खरीद प्रक्रिया को सक्षम बनाने वाले सार्वजनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में जीईएम की बढ़ती भूमिका को दर्शाती है। इसके साथ ही यह प्लेटफॉर्म खरीद संबंधी निर्णयों को सुगम बनाता है, विभिन्न क्षेत्रों के उद्यमों को सरकारी मांग से जोड़ता है और सार्वजनिक व्यय में आर्थिक समावेशन, स्थिरता और पारदर्शिता को बढ़ावा देता है।
गवर्नमेंट ई मार्केटप्लेस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) मिहिर कुमार ने बताया कि 18.4 लाख करोड़ रुपये के संचयी जीएमवी को पार करना एक पारदर्शी और प्रौद्योगिकी-संचालित खरीद प्रणाली में खरीदारों, विक्रेताओं और संस्थानों के विश्वास को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि जीईएम ने सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों (एमएसई), महिला उद्यमियों, अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के उद्यमों और स्टार्टअप उद्यमों के लिए पहुंच बढ़ाने के लिए समावेशी दृष्टिकोण अपनाया है। कुमार ने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान कुल ऑर्डरों में से 68 फीसदी एमएसई ने निष्पादित किए, जो कुल सकल बाजार मूल्य (जीएमवी) का 47.1 फीसदी था।
इस प्लेटफॉर्म पर 11 लाख से अधिक लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसई) पंजीकृत हैं। वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान इन्हें 2.36 लाख करोड़ रुपये मूल्य के 51 लाख से अधिक ऑर्डर प्राप्त हुए हैं, जो इससे पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 20 फीसदी से अधिक की वृद्धि दर्शाते हैं। इस पोर्टल पर 2.1 लाख से अधिक महिला नेतृत्व वाले एमएसई पंजीकृत हैं, इन्हें 28,000 करोड़ रुपये से अधिक के ऑर्डर प्राप्त हुए हैं, जो लगभग 28 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाते हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर