’फेक रेस्क्यू’ पर सख्ती: नेपाल सरकार ने बनाई उच्चस्तरीय जांच समिति

06 Apr 2026 20:23:53
फेक रेस्क्यू का प्रतीकात्मक तस्वीर


काठमांडू, 06 अप्रैल (हि.स.)। नेपाल के हिमालयी पर्यटन में देश की अंतरराष्ट्रीय छवि को नुकसान पहुंचाने वाली ‘फेक रेस्क्यू’ (नकली बचाव) घटनाओं को नियंत्रित करने के लिए नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने कड़े नीतिगत कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।

विशेष रूप से हेलिकॉप्टर कंपनियों, अस्पतालों और ट्रेकिंग एजेंसियों की मिलीभगत से होने वाले संदिग्ध बचाव मामलों को रोकने के लिए मंत्रालय ने पर्यटन विभाग के सहसचिव के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय जांच समिति का गठन किया है।

इस समिति में नेपाल नागरिक उड्डयन प्राधिकरण (कैन), नेपाल पुलिस, पर्यटन बोर्ड और वायुसेवा कंपनियों के प्रतिनिधि सदस्य शामिल हैं। समिति को यह जिम्मेदारी दी गई है कि वह ऐसे मामलों का गहराई से अध्ययन करे, जहां पर्वतारोहियों या ट्रेकर्स को सामान्य समस्याओं—जैसे सिरदर्द या ऊंचाई से होने वाली बीमारी (एल्टिट्यूड सिकनेस)—को गंभीर बताकर हेलिकॉप्टर चार्टर कराया जाता है और बीमा राशि का दावा किया जाता है।

हालांकि, समिति के सदस्यों के नाम सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।

नेपाल के हिमालयी क्षेत्रों में होने वाली बचाव प्रक्रियाओं पर अंतरराष्ट्रीय बीमा कंपनियां लंबे समय से सवाल उठाती रही हैं। वर्ष 2018 में सरकार की एक विस्तृत जांच में करोड़ों रुपये के रेस्क्यू घोटाले का खुलासा हुआ था, लेकिन प्रभावी नियमन की कमी के कारण यह गतिविधि अब भी जारी है।

मंत्रालय द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि “सामान्य बीमारियों को भी ‘इमरजेंसी’ दिखाकर बीमा दावा करने की प्रवृत्ति ने नेपाल के पर्यटन और उड्डयन क्षेत्र की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।”

इन घटनाओं से देश की अंतरराष्ट्रीय छवि पर पड़ रहे नकारात्मक प्रभाव को देखते हुए मंत्रालय अब ‘रेस्क्यू मैनेजमेंट सिस्टम’ नामक एक डिजिटल प्रणाली विकसित करने जा रहा है। इस सिस्टम में ट्रेकर्स के पंजीकरण से लेकर रेस्क्यू अनुरोध और बीमा सत्यापन तक की सभी प्रक्रियाओं को एकीकृत किया जाएगा।

इसके अलावा, मंत्रालय ट्रेकिंग एजेंसियों के संचालन और गाइड लाइसेंस प्राप्त करने की प्रक्रिया को भी और सख्त बनाने की तैयारी में है। समिति की रिपोर्ट के आधार पर आगामी वसंत पर्वतारोहण सत्र से ही नए सुरक्षा और बचाव मानक लागू किए जाएंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज दास

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