कोलकाता पर हमले की पाकिस्तानी धमकी पर राजनाथ बोले– टुकड़े-टुकड़े कर देंगे

07 Apr 2026 18:00:53
राजनाथ सिंह


कोलकाता, 07 अप्रैल (हि.स.)। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा मोहम्मद आसिफ द्वारा कोलकाता पर हमले की धमकी देने वाले बयान पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि पाकिस्तान को इस तरह की भड़काऊ और गैर जिम्मेदाराना बयानबाजी से बचना चाहिए, अन्यथा उसे इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।

पश्चिम बंगाल के बैरकपुर में चुनाव प्रचार के दौरान आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान को 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध की याद दिलाई। उन्होंने कहा कि उस युद्ध के बाद पाकिस्तान दो हिस्सों में बंट गया था और बांग्लादेश का गठन हुआ था। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर पाकिस्तान इस बार पश्चिम बंगाल की ओर बुरी नजर डालने की कोशिश करेगा तो इस बार उसके कितने टुकड़े होंगे, यह केवल भगवान ही जानते हैं।

क्या कहा था पाकिस्तान के रक्षा मंत्री नेपाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा मोहम्मद आसिफ ने 04 अप्रैल को सियालकोट में पत्रकारों से बातचीत करते हुए भारत को धमकी दी थी। उन्होंने कहा था कि यदि भारत कोई झूठा हमला (फॉल्स फ्लैग ऑपरेशन) करने की कोशिश करता है तो संघर्ष केवल सीमा तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि कोलकाता तक पहुंच सकता है।

उनके इस बयान के बाद भारत में राजनीतिक प्रतिक्रिया तेज हो गई और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इसका सार्वजनिक रूप से जवाब दिया।राजनाथ सिंह ने कहा कि पाकिस्तान को इतिहास से सबक लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि 55 वर्ष पहले 1971 में जब युद्ध हुआ था तो पाकिस्तान को इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़े थे। उन्होंने कहा कि यदि पाकिस्तान ने फिर कोई दुस्साहस किया तो परिणाम और भी अधिक गंभीर हो सकते हैं।उन्होंने पाकिस्तान को उकसाने वाली बयानबाजी से बचने और क्षेत्र में शांति बनाए रखने की दिशा में काम करने की सलाह दी।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जब पाकिस्तान कोलकाता पर हमले की बात करता है तब केंद्र सरकार को स्पष्ट प्रतिक्रिया देनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री चुनावी रैलियों में तो पश्चिम बंगाल की आलोचना करते हैं, लेकिन बाहरी धमकियों पर चुप रहते हैं।

ममता सरकार पर राजनाथ सिंह का निशानाअपने भाषण में राजनाथ सिंह ने ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस सरकार पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में तृणमूल कांग्रेस के शासनकाल में “उत्पीड़न” और “विश्वासघात” की राजनीति हुई है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के तीन कार्यकाल के दौरान राज्य की आर्थिक संभावनाओं को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने यह भी कहा कि जहां देश के अन्य राज्यों में औद्योगिक विकास तेजी से हो रहा है, वहीं पश्चिम बंगाल में निवेश का माहौल कमजोर हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई उद्योग राज्य से बाहर चले गए हैं और नए निवेशक भी यहां आने से हिचकिचा रहे हैं।

राजनाथ सिंह ने वर्ष 2021 के विधानसभा चुनाव के दौरान तृणमूल कांग्रेस के नारे “बांग्ला निजेर मेयेकेई छाय” (बंगाल अपनी बेटी को ही चाहता है) का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जनता ने तीन बार अपनी “बेटी” को चुना, लेकिन बदले में उन्हें विश्वासघात मिला। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी तीन बार मुख्यमंत्री बनीं लेकिन राज्य की जनता को अपेक्षित विकास नहीं मिल पाया।

हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर

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