देश की वित्तीय खुफिया इकाई और भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र का समझौता

09 Apr 2026 18:27:53
वित्तीय खुफिया इकाई और भारतीय साइबर अपराध समन्वय के समझौते का जारी फोटो


वित्तीय खुफिया इकाई और भारतीय साइबर अपराध समन्वय के समझौते का जारी फोटो


नई दिल्ली, 09 अप्रैल (हि.स)। देश की वित्तीय खुफिया इकाई और भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र ने गुरुवार को साइबर धोखाधड़ी और वित्तीय अपराधों से निपटने के लिए एक ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।

वित्त मंत्रालय के मुताबिक इस समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर एफआईयू-आईएनडी के निदेशक अमित मोहन गोविल और भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (14सी) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजेश कुमार ने हस्ताक्षर किए। यह भारत में साइबर धोखाधड़ी और वित्तीय अपराधों के विरूद्ध लड़ाई में अग्रणी दो एजेंसियों के बीच सहयोगात्मक खुफिया जानकारी साझा करने के एक नए युग की शुरुआत का प्रतीक है।

यह समझौता ज्ञापन दोनों एजेंसियों को प्रचालनगत जानकारी विकसित करने और वित्तीय अपराधों को रोकने, डिजिटल लेनदेन की सुरक्षा करने और परिसंपत्ति वसूली करने के लिए जांच एजेंसियों को सहायता प्रदान करेगा। यह सहयोग ऐसे समय में हुआ है, जब भारत के डिजिटल भुगतान इकोसिस्टम में अत्यधिक बदलाव आया है, जिसके चलते नागरिकों को साइबर अपराध और धोखाधड़ी से बचाने के लिए सुरक्षा उपायों की आवश्यकता है।

एफआईयू-इंडिया एक केंद्रीय राष्ट्रीय एजेंसी है, जो संदिग्ध वित्तीय लेन-देन से संबंधित जानकारी प्राप्त करने, संसाधित करने, विश्लेषण करने और प्रसारित करने तथा मनी लॉन्ड्रिंग एवं आतंकवाद के वित्तपोषण के विरूद्ध प्रयासों के समन्वय के लिए उत्तरदायी है। 14सी गृह मंत्रालय का एक संबद्ध कार्यालय है, जो कानून प्रवर्तन एजेंसियों (एलईए) को साइबर अपराध से समन्वित और व्यापक तरीके से निपटने के लिए एक ढांचा और इकोसिस्टम प्रदान करने के लिए उत्तरदायी है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर

Powered By Sangraha 9.0