


नई दिल्ली, 09 अप्रैल (हि.स.)। असम, केरल और केंद्रशासित प्रदेश पुडुचेरी के विधानसभा चुनाव के लिए सभी सीटों पर मतदान गुरुवार को संपन्न हो गया। छिटपुट हिंसा को छोड़ दें तो मतदान लगभग शांतिपूर्ण रहा। चुनाव आयोग के शाम 5 बजे तक के आंकड़ों के मुताबिक असम में 84.42, केरल में 75.01 प्रतिशत और पुडुचेरी में 86.92 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
मतदान के अभी अंतिम आंकड़े आना बाकी हैं। क्योंकि जो मतदाता निर्धारित समय खत्म होने से पहले से कतार में खड़े थे उनको मतदान का अवसर मिलेगा। तीनों राज्यों में मतदान सुबह 7 बजे शुरू हुआ था। असम में मतदान का समय शाम 5 बजे तक और केरल एवं पुडुचेरी में शाम 6 बजे तक निर्धारित किया गया था।
निर्वाचन आयोग के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, शाम 5 बजे तक पुडुचेरी में सबसे अधिक 86.92 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जबकि असम में 84.42 प्रतिशत और केरल में 75.01 प्रतिशत वोटिंग हुई। दिनभर मतदान का प्रतिशत लगातार बढ़ता रहा। दोपहर 3 बजे तक असम में 75.91 प्रतिशत, केरल में 62.71 प्रतिशत और पुडुचेरी में 72.40 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था। वहीं दोपहर 1 बजे तक असम 59.63 प्रतिशत के साथ सबसे आगे रहा, जबकि केरल में 49.70 प्रतिशत और पुडुचेरी में 56.83 प्रतिशत मतदान हुआ।
मतदान केंद्रों पर सुबह से ही मतदाताओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं, जिससे लोकतंत्र के इस पर्व में लोगों की सक्रिय भागीदारी साफ नजर आई। पूर्वाह्न 11 बजे तक असम में 38.92 प्रतिशत, केरल में 33.28 प्रतिशत और पुडुचेरी में 37.06 प्रतिशत मतदान हुआ था, जबकि सुबह 9 बजे तक यह आंकड़ा क्रमशः 17.87 प्रतिशत, 16.23 प्रतिशत और 17.41 प्रतिशत रहा। इसके बाद दिन चढ़ने के साथ मतदान की रफ्तार तेज होती गई।
असम में छिटपुट हिंसा में कम से कम 30 लोग घायल हो गए और सात लोगों को गिरफ्तार किया गया। श्रीभूमि जिले के पथारकंडी में कांग्रेस और भाजपा समर्थकों की इस झड़प में करीब 25 लोग घायल हो गए, दो की हालत गंभीर है। पुडुचेरी में मन्नादिपेट में पोलिंग बूथ पर कांग्रेस और भाजपा समर्थकों में झड़प हो गई। पुलिस ने भीड़ पर लाठीचार्ज किया।
केरल में पूर्व रक्षा मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एके एंटनी ने तिरुवनंतपुरम में मतदान किया। असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंता बिस्व सरमा ने गुवाहाटी में मां कामाख्या मंदिर में पूजा की। इसके बाद पत्नी के साथ जालुकबाड़ी में मतदान किया।
चुनाव को स्वतंत्र एवं निष्पक्ष बनाने के लिए व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए थे। संवेदनशील इलाकों में वेबकास्टिंग और ड्रोन के जरिए निगरानी रखी गयी।
असम में 126 सीटों पर 41 राजनीतिक दलों के 722 उम्मीदवार मैदान में रहे, जिनमें 59 महिलाएं शामिल हैं। राज्य में लगभग 2.5 करोड़ मतदाताओं के लिए 31,490 मतदान केंद्र बनाए गए थे। यह चुनाव 2023 में हुए परिसीमन के बाद पहला चुनाव है, जिसमें भारतीय जनता पार्टी अपनी सत्ता बनाए रखने की कोशिश कर रही है, जबकि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस वापसी की उम्मीद में है।
केरल की 140 विधानसभा सीटों पर 890 उम्मीदवार चुनाव मैदान में रहे। यहां 2.71 करोड़ मतदाता हैं और चुनावी मुकाबला लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ), यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के बीच त्रिकोणीय बना हुआ है। एलडीएफ जहां लगातार पांचवीं बार सत्ता में लौटने का लक्ष्य लेकर चल रहा है, वहीं विपक्षी गठबंधन उसे कड़ी चुनौती दे रहे हैं।
पुडुचेरी में 30 सीटों पर कुल 294 उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे। केंद्रशासित प्रदेश में 9.5 लाख से अधिक मतदाताओं में से करीब 24,919 पहली बार मतदात बने थे। पुडुचेरी, कराईकल, माहे और यानम क्षेत्रों में कुल 1,099 मतदान केंद्र स्थापित किए गए।
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हिन्दुस्थान समाचार / उदय कुमार सिंह