राजस्थान के युवा मेहनत, नवाचार और बहुभाषी कौशल से वैश्विक अवसरों के लिए तैयार : केंद्रीय शिक्षा मंत्री

01 May 2026 18:48:53
एमओयू


जयपुर, 01 मई (हि.स.)। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि राजस्थान के युवाओं में मेहनत, नवाचार, उद्यमिता और विविध भाषाओं एवं संस्कृतियों को आत्मसात करने की अद्भुत क्षमता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश का युवा अब केवल डिग्री और प्रमाणपत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि कौशल विकास, वैश्विक प्रतिस्पर्धा और बहुआयामी अवसरों की ओर अग्रसर हो रहा है।

जयपुर के बिरला ऑडिटोरियम में शुक्रवार को आयोजित विदेशी भाषा संचार कौशल कार्यक्रम के एमओयू समारोह को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 शिक्षा को बहुभाषी, आधुनिक और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। इस नीति के तहत युवाओं को मातृभाषा के साथ-साथ विदेशी भाषाओं का ज्ञान देकर उन्हें विश्वस्तरीय अवसरों के लिए तैयार किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि समाज, संस्कृति और वैश्विक समझ को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण कड़ी है। फ्रेंच, जर्मन, जापानी, कोरियन और स्पेनिश जैसी भाषाओं का अध्ययन युवाओं के लिए रोजगार, व्यापार, तकनीकी सहयोग और अंतरराष्ट्रीय संबंधों के नए द्वार खोलेगा। धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि यूरोपीय यूनियन के साथ हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट और एशियाई देशों के साथ बढ़ते आर्थिक संबंधों के चलते विदेशी भाषा दक्षता रखने वाले युवाओं की मांग तेजी से बढ़ेगी। जापान, कोरिया और यूरोपीय देशों में न केवल सॉफ्टवेयर, बल्कि हार्ड ट्रेड, तकनीकी सेवाओं, मार्केटिंग और आतिथ्य क्षेत्र में भी भारतीय युवाओं के लिए व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं।

उन्होंने कहा कि यदि राजस्थान के युवा विदेशी भाषाओं में दक्ष होते हैं, तो वे पर्यटन, होटल प्रबंधन, ट्रैवल इंडस्ट्री, अंतरराष्ट्रीय व्यापार और वैश्विक सेवा क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि विदेशी भाषा ज्ञान से राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोककथाएं और ऐतिहासिक गौरव भी वैश्विक स्तर तक पहुंचेगा। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि भविष्य में पृथ्वीराज चौहान जैसी वीर गाथाएं विदेशी भाषाओं में अनूदित होकर विश्वभर में राजस्थान की पहचान मजबूत करेंगी।

केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्यमंत्री जयंत चौधरी ने कहा कि यह पहल भारतीय युवाओं के कौशल को वैश्विक मंच प्रदान करेगी और अंतरराष्ट्रीय अवसरों के द्वार खोलेगी। विदेशी भाषा संचार कौशल कार्यक्रम को राजस्थान के युवाओं को वैश्विक प्रतिस्पर्धा, बेहतर रोजगार, उद्यमिता और सांस्कृतिक विस्तार से जोड़ने वाली ऐतिहासिक पहल माना जा रहा है, जिससे प्रदेश की युवा शक्ति को नई दिशा और नई पहचान मिलेगी।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने युवाओं को पेपरलीक जैसी समस्याओं से मुक्त कर पारदर्शी भर्ती व्यवस्था स्थापित की है। उन्होंने बताया कि अब तक 351 परीक्षाएं बिना किसी पेपर लीक के सफलतापूर्वक आयोजित की गई हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा को रोजगार और कौशल से जोड़ते हुए युवाओं को नौकरी मांगने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बना रही है।

राज्य सरकार ने इंग्लिश एंड फॉरेन लैंग्वेज यूनिवर्सिटी और नेशनल स्किल डवलपमेंट कॉरपोरेशन सहित विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ समझौते किए हैं। इसके माध्यम से युवाओं को विदेशी भाषाओं में प्रशिक्षण, स्किल इंडिया इंटरनेशनल सेंटर जयपुर की स्थापना तथा उद्यमिता विकास कार्यक्रमों का लाभ मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 71 नए राजकीय महाविद्यालय खोले गए हैं, 185 नए कॉलेज भवनों का निर्माण हुआ है, सवा लाख से अधिक सरकारी नियुक्तियां दी गई हैं तथा लाखों रोजगार अवसर सृजित किए गए हैं।

उप मुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने कहा कि यह एमओयू केवल कागजी समझौता नहीं बल्कि हमारे युवाओं को अवसरों से जोड़ने का सशक्त एवं प्रभावी माध्यम है।

कौशल, नियोजन एवं उद्यमिता राज्यमंत्री के.के विश्नोई ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में युवाओं की प्रतिभा को निखारा जा रहा है। इस अवसर पर राज्य सरकार तथा इंग्लिश एंड फॉरेन लैंग्वेजेज यूनिवर्सिटी, हैदराबाद के मध्य विदेशी भाषा संचार कौशल कार्यक्रम के लिए एवं स्किल इंडिया इन्टरनेशनल सेंटर जयपुर की स्थापना के लिए राष्ट्रीय कौशल विकास निगम के मध्य एमओयू का आदान-प्रदान किया गया। साथ ही, नेशनल एन्टरप्रेन्योर एम्पावरमेंट ड्राइव के अन्तर्गत भी विभिन्न एमओयू संपादित हुए।

इससे पहले इंग्लिश एंड फॉरेन लैंग्वेजेज यूनिवर्सिटी के जर्नल का विमोचन भी किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने युवाओं से संवाद भी किया। इस दौरान मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, शिक्षा मंत्रालय में उच्च शिक्षा सचिव डॉ. विनीत जोशी, शिक्षाविद् सहित बड़ी संख्या में युवा उपस्थित रहे। वहीं, वीसी एवं माय भारत पोर्टल के माध्यम से प्रदेशभर के युवा जुड़े।

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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित

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