
नोटः महाराष्ट्र स्थापना दिवस पर सीएम को प्रधानमंत्री का पत्र, विकसित भारत से मेल खाता है विकसित महाराष्ट्र विजन (स्टोरी संख्या-01HNAT26) शीर्षक से प्रकाशित समाचार रद्द कर संशोधन के साथ दोबारा जारी किया जा रहा है।
नई दिल्ली, 01 मई (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने महाराष्ट्र स्थापना दिवस पर शुक्रवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को लिखे पत्र में कहा कि राज्य सरकार आर्थिक विकास को मजबूत करने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है और “विकसित महाराष्ट्र” का विजन वर्ष 2047 तक “विकसित भारत” के साझा लक्ष्य के साथ सामंजस्य रखता है।
प्रधानमंत्री ने तीन पृष्ठों के विस्तृत पत्र में महाराष्ट्र की प्रगति, सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्र निर्माण में उसके योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र सामाजिक सुधार, आध्यात्मिक चेतना और औद्योगिक विकास का मजबूत केंद्र रहा है, जिसने देश को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज, डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर, लोकमान्य तिलक और वीर सावरकर जैसे महान नेताओं के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके विचार आज भी देश को प्रेरित कर रहे हैं। संत परंपरा और वारकरी आंदोलन ने समाज में समानता और भक्ति की भावना को मजबूत किया है।
प्रधानमंत्री ने वर्ष 2026 को महाराष्ट्र के लिए विशेष बताया। उन्होंने कहा कि इस वर्ष अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जयंती, महात्मा ज्योतिबा फुले की 200वीं जयंती, संत गाडगे बाबा की 150वीं जयंती, महाड के चवदार तालाब सत्याग्रह के 100 वर्ष, डॉ. भीमराव आंबेडकर से जुड़े महत्वपूर्ण स्मरण तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष जैसे ऐतिहासिक अवसर मनाए जा रहे हैं। इन आयोजनों से सामाजिक न्याय, महिला सशक्तिकरण, आध्यात्मिक जागरूकता और सांस्कृतिक अस्मिता को बल मिलेगा।
पत्र में प्रधानमंत्री ने मराठी भाषा को 2024 में शास्त्रीय भाषा का दर्जा मिलने को गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया। साथ ही उन्होंने महाराष्ट्र के किलों को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल किए जाने का उल्लेख करते हुए इसे राज्य के शौर्य और इतिहास की वैश्विक पहचान बताया।
आर्थिक मोर्चे पर प्रधानमंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र निवेश, उद्योग, नवाचार और बुनियादी ढांचे के विकास में अग्रणी है। उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा महाराष्ट्र को मिल रहे सहयोग का भी उल्लेख किया। केंद्र सरकार द्वारा राज्य में रेलवे, मेट्रो, हवाई अड्डे और बंदरगाह जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स को गति दी जा रही है, जिनमें 2025-26 के लिए रेलवे परियोजनाओं हेतु 24,000 करोड़ रुपये का प्रावधान शामिल है।
उन्होंने गढ़चिरौली, अमरावती, धुले और नंदुरबार जैसे क्षेत्रों में विकास की तेज रफ्तार का उल्लेख करते हुए कहा कि ये क्षेत्र अब निवेश और रोजगार के नए केंद्र बन रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने 2029, 2035 (महाराष्ट्र के अमृत महोत्सव) और 2047 को ध्यान में रखते हुए दीर्घकालिक विकास की रूपरेखा तैयार की है, जो ‘विकसित भारत’ के राष्ट्रीय लक्ष्य के साथ समन्वय में है।
प्रधानमंत्री ने मराठवाड़ा सहित जल संकट वाले क्षेत्रों में किए जा रहे प्रयासों और सहकारिता मॉडल की भी सराहना की। साथ ही नासिक और त्र्यंबकेश्वर में आगामी कुंभ मेले की तैयारियों के लिए राज्य सरकार को शुभकामनाएं दीं। प्रधानमंत्री ने छत्रपति शिवाजी महाराज और राजमाता जीजाबाई के आशीर्वाद का स्मरण करते हुए ‘जय महाराष्ट्र’ के साथ अपनी शुभकामनाएं व्यक्त कीं।
प्रधानमंत्री ने इस वर्ष महाराष्ट्र में हुई कुछ दुखद घटनाओं का जिक्र करते हुए वरिष्ठ नेता अजित पवार के निधन पर शोक व्यक्त किया और उनके योगदान को याद किया।
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हिन्दुस्थान समाचार