
- गोयल ने कहा, वैश्विक संकट के समय भारतीय अर्थव्यवस्था ने दिखाया लचीलापन
नई दिल्ली, 12 मई (हि.स)। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को कहा कि वैश्विक भू-राजनीतिक और आर्थिक चुनौतियों के बीच भी भारतीय अर्थव्यवस्था ने अपनी मजबूती बनाए रखी है, जिसका श्रेय इसके मजबूत बुनियादी सिद्धांतों और भारत में बढ़ते वैश्विक विश्वास को जाता है।
नई दिल्ली में भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के वार्षिक व्यापार सम्मेलन को संबोधित करते उन्होंने कहा कि वैश्विक भू-राजनीतिक उथल-पुथल, महंगाई और बदलते व्यापार शुल्कों के बीच भी भारत की अर्थव्यवस्था लगातार मज़बूती दिखा रही है। उन्होंने आगे कहा कि दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक के तौर पर भारत अपनी गति को मजबूत घरेलू मांग, 11 महीने से ज्यादा के आयात को कवर करने वाले मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार और मैन्युफैक्चरिंग में आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़े प्रयासों के जरिए अपने को बनाए हुए है।
भारत के निर्यात प्रदर्शन का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि देश इस साल लगभग 863 अरब अमेरिकी डॉलर का सर्वकालिक उच्च निर्यात आंकड़ा हासिल करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि वस्तुओं और सेवाओं में भारत का व्यापार घाटा देश के वार्षिक प्रेषण से काफी कम है, जो मजबूत आर्थिक प्रदर्शन को दर्शाता है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत ने लगातार संकटों को अवसरों में बदला है। उन्होंने कहा कि प्रतिकूल परिस्थितियों के दौरान देश हमेशा मजबूत बनकर उभरा है। गोयल ने कहा कि मौजूदा वैश्विक स्थिति को भारत के अधिक कुशल, उत्पादक और आत्मनिर्भर बनने के लिए एक चेतावनी के रूप में देखा जाना चाहिए।
आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण का उल्लेख करते हुए गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आत्मनिर्भरता और भारतीय क्षमताओं में विश्वास का सिद्धांत लगातार बना हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार और उद्योग को भारत की विकास गाथा को मजबूत करने के लिए मिलकर काम करना चाहिए।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर