नेपाल को विश्व आध्यात्मिक पर्यटन केंद्र बनाने की तैयारी

12 May 2026 09:57:53
संसद में राष्ट्रपति के अभिभाषण के समय प्रधानमंत्रीनौर राष्ट्रपति


काठमांडू, 12 मई (हि.स.)। नेपाल की बालेन्द्र सरकार ने अपनी पहली वार्षिक नीति तथा कार्यक्रम में नेपाल को विश्वस्तरीय आध्यात्मिक पर्यटन केन्द्र के रूप में विकसित करने की महत्वाकांक्षी योजना सार्वजनिक की है। राष्ट्रपति द्वारा संसद में पेश नीति तथा कार्यक्रम में “देवभूमि नेपाल” राष्ट्रीय अभियान संचालन करने की घोषणा की गई।

इस अभियान के तहत सिर्फ नेपाल और भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में रहे हिंदुओं के बीच में नेपाल को धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन के रूप में विकसित करने के लिए कई अभियान चलाए जाने की घोषणा की गई ही। अपने पहले नीति तथा कार्यक्रम में धार्मिक, सांस्कृतिक, आध्यात्मिक तथा अवकाश तीर्थाटन एवं पर्यटन को प्राथमिकता देते हुए नेपाल को उभरते वैश्विक पर्यटन गन्तव्य के रूप में विकसित करने की नीति अपनाई है।

राष्ट्रपति के संसद में पेश नीति तथा कार्यक्रम में नेपाल सरकार ने “आध्यात्मिक तीर्थ कूटनीति” को प्रमुख आधार बनाते हुए पशुपतिनाथ से मुक्तिनाथ तक और लुंबिनी क्षेत्र से जनकपुरधाम तक को इस तीर्थ कूटनीति से जोड़ने की बात कही है। इसके लिए इन धार्मिक आध्यात्मिक क्षेत्रों का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जाएगा।

सरकार ने कम से कम पांच हजार नए होमस्टे को “नेपाल होमस्टे” ब्रान्ड के साथ बुकिंग प्लेटफॉर्म से जोड़ने की योजना बनाई है। इसके साथ ही नेपाल को साहसिक पर्यटन के आकर्षक गन्तव्य के रूप में विकसित करने के लिए पर्वतारोहण, ट्रेकिंग, राफ्टिंग, पैराग्लाइडिंग, बन्जी जम्प और स्काइडाइविंग जैसे क्षेत्रों के पूर्वाधार तथा सुरक्षा मापदण्डों को भी सुदृढ़ बनाने की घोषणा की गई है।

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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज दास

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