प्रधानमंत्री 15-20 मई तक विदेश दौरे पर, ऊर्जा सुरक्षा, व्यापार पर रहेगा जोर

13 May 2026 19:18:53

नई दिल्ली, 13 मई (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शुक्रवार से पांच देशों के दौरे (15–20 मई तक) पर जाएंगे। इसमें संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली शामिल हैं।

विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज के अनुसार यह दौरा हाल ही में अंतिम रूप दिए गए भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते की पृष्ठभूमि में हो रहा है। इसका मुख्य ज़ोर व्यापार, निवेश, नवाचार, हरित प्रौद्योगिकी और रणनीतिक सहयोग पर होगा।

जॉर्ज के मुताबिक 15 मई को प्रधानमंत्री मोदी यूएई जाएंगे और राष्ट्रपति मोहम्मद बिन ज़ायद अल नाहयान के साथ द्विपक्षीय संबंधों, ऊर्जा सहयोग और क्षेत्रीय मुद्दों पर बातचीत करेंगे। भारत और यूएई के बीच एक व्यापक रणनीतिक साझेदारी है और खाड़ी देश में 45 लाख से ज़्यादा भारतीय रहते हैं।

सूत्रों के मुताबिक यूएई की यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री का एक मुख्य फोकस ऊर्जा सुरक्षा पर रहेगा। इस यात्रा के दौरान एलपीजी और रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार के क्षेत्रों में दो महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर होने की संभावना है।

इसके बाद 15–17 मई तक प्रधानमंत्री मोदी नीदरलैंड के दौरे पर रहेंगे। वर्ष 2017 के बाद यह उनका इस देश का दूसरा दौरा होगा। वे डच प्रधानमंत्री के साथ द्विपक्षीय बातचीत करेंगे। साथ ही किंग और क्वीन विलेम-अलेक्जेंडर और मैक्सिमा से मिलेंगे। भारतीय समुदाय और व्यापारिक नेताओं के साथ बातचीत करेंगे।

प्रधानमंत्री 17 मई को स्वीडन के आधिकारिक दौरे पर गोथेनबर्ग जाएंगे। वर्ष 2018 में पहले भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन के बाद यह उनका इस देश का दूसरा दौरा होगा। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य भारत-स्वीडन नवाचार साझेदारी के तहत संबंधों को मज़बूत करना होगा।

सचिव (पश्चिम) के अनुसार 2025 में भारत और स्वीडन के बीच द्विपक्षीय व्यापार 7.75 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया, जिसमें 280 से अधिक स्वीडिश कंपनियां भारत में और 75 से अधिक भारतीय कंपनियां स्वीडन में कार्यरत हैं। दोनों देश जलवायु कार्रवाई, हरित प्रौद्योगिकी, रक्षा निर्माण और नवाचार के क्षेत्रों में अपना सहयोग बढ़ा रहे हैं। स्वीडिश रक्षा कंपनी ‘साब’ ने हरियाणा में अपनी ‘कार्ल-गुस्ताफ’ निर्माण इकाई स्थापित की है, जो स्वीडन के बाहर उसकी इस तरह की पहली इकाई है। इस यात्रा से व्यापार, प्रौद्योगिकी और प्रतिभा के क्षेत्रों में सहयोग को और मज़बूत होने की उम्मीद है।

अपनी आगामी स्वीडन यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ‘यूरोपियन राउंडटेबल फॉर इंडस्ट्री’ में मुख्य अतिथि होंगे। यह ईयू, ईएफटीए और यूके के शीर्ष व्यापारिक नेताओं का एक मंच है। इस कार्यक्रम को यूरोपियन कमीशन की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन भी संबोधित करेंगी।

वे 18 मई को नॉर्वे जाएंगे और 19 मई को तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। यह नॉर्वे की उनकी पहली यात्रा होगी और 43 वर्षों में भारत की ओर से इस देश की पहली प्रधानमंत्री-स्तरीय यात्रा होगी। प्रधानमंत्री मोदी नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोर के साथ बातचीत करेंगे और राजा हेराल्ड तथा रानी सोन्या से मुलाक़ात करेंगे।

चर्चा का मुख्य केंद्र व्यापार, निवेश, स्वच्छ ऊर्जा, नवाचार, ब्लू इकोनॉमी (नीली अर्थव्यवस्था), आर्कटिक अनुसंधान, जलवायु कार्रवाई और अंतरिक्ष सहयोग होंगे।

प्रधानमंत्री मोदी और प्रधानमंत्री स्टोर ‘भारत-नॉर्वे व्यापार और अनुसंधान शिखर सम्मेलन’ को भी संबोधित करेंगे, जिसका उद्देश्य व्यापार और प्रौद्योगिकी साझेदारी को बढ़ावा देना है।

इस दौरे का अंतिम पड़ाव इटली होगा। यहां वे 19–20 मई तक इतालवी प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी के साथ वार्ता करेंगे। यह प्रधानमंत्री मोदी का इटली का पहला द्विपक्षीय दौरा होगा और कुल मिलाकर इस देश का उनका तीसरा दौरा होगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / अनूप शर्मा

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