आयुष मंत्रालय और डिजिटल इंडिया भाषिणी डिवीजन के बीच करार

14 May 2026 19:48:54
समझौते पर आयुष मंत्रालय के निदेशक डॉ. सुभोध कुमार तथा डिजिटल इंडिया भाषिणी डिवीजन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमिताभ नाग ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा और संयुक्त सचिव डॉ. कविता जैन उपस्थित रहीं।


नई दिल्ली, 14 मई (हि.स.)। आयुष मंत्रालय और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अंतर्गत डिजिटल इंडिया भाषिणी डिवीजन के बीच गुरुवार को समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। इस साझेदारी का उद्देश्य उन्नत कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित भाषा तकनीक के माध्यम से आयुष ज्ञान प्रणालियों का विभिन्न भारतीय भाषाओं में तेज़ी से अनुवाद और ट्रांसक्रिप्शन करना है। यह पहल आयुष मंत्रालय के विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्मों और सेवाओं में भारत की राष्ट्रीय भाषा डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर ‘भाषिणी प्लेटफॉर्म’ को एकीकृत करने का कार्य करेगी।

इस समझौते पर आयुष मंत्रालय के निदेशक डॉ. सुभोध कुमार तथा डिजिटल इंडिया भाषिणी डिवीजन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमिताभ नाग ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा और संयुक्त सचिव डॉ. कविता जैन उपस्थित रहीं।

इस अवसर पर आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा ने कहा कि आयुष चिकित्सा पद्धतियों में भारत की गहरी सांस्कृतिक और सभ्यतागत विरासत निहित है। इसे हर भारतीय भाषा में उपलब्ध कराना समावेशी स्वास्थ्य सेवाओं और जनसंपर्क के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि भाषिणी के साथ यह सहयोग आयुष क्षेत्र में बहुभाषी क्षमताओं को सुदृढ़ करेगा और भविष्य के लिए सक्षम एआई प्रणालियों के विकास में मदद करेगा।

संयुक्त सचिव डॉ. कविता जैन ने कहा कि मंत्रालय लगातार डिजिटल तकनीकों के माध्यम से सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता बढ़ाने के लिए कार्य कर रहा है। उन्होंने विशेष रूप से डॉक्टर-रोगी संवाद आधारित एआई प्रणाली का उल्लेख किया, जो विभिन्न भाषाओं में बातचीत करके प्रिस्क्रिप्शन तैयार कर सकती है। उन्होंने इसे जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ बनाने की दिशा में एक परिवर्तनकारी पहल बताया।

डिजिटल इंडिया भाषिणी डिवीजन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमिताभ नाग ने कहा कि भाषा-समावेशी एआई प्रणालियां डिजिटल सार्वजनिक सेवाओं तक समान पहुंच सुनिश्चित करने के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। इस साझेदारी के माध्यम से नागरिकों को उनकी पसंदीदा भाषा में स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक मजबूत बहुभाषी और वॉयस-सक्षम डिजिटल स्वास्थ्य पारिस्थितिकी तंत्र विकसित किया जाएगा।

इस पहल के तहत भाषिणी के ट्रांसलेशन, स्पीच और वॉयस तकनीकों को आयुष डिजिटल प्लेटफॉर्मों से जोड़ा जाएगा, जिससे नागरिकों की भागीदारी और सेवाओं की पहुंच बेहतर होगी।

उल्लेखनीय है कि आयुष मंत्रालय, ‘आयुष ग्रिड’ पहल के माध्यम से स्वास्थ्य सेवा, क्षमता निर्माण, अनुसंधान, औषधि प्रशासन तथा अन्य संबंधित क्षेत्रों में कार्य कर रहा है। आयुष ग्रिड के अंतर्गत विकसित पोर्टल, एप्लिकेशन और एआई-सक्षम समाधान अब सभी 22 अनुसूचित भारतीय भाषाओं में उपलब्ध कराने की योजना है, ताकि देशभर में इसकी पहुंच और उपयोगिता बढ़ सके।

यह सहयोग आयुष ग्रिड पोर्टल, एप्लिकेशन और एआई टूल्स सहित विभिन्न आयुष डिजिटल समाधानों में भाषिणी तकनीकों को एकीकृत करेगा। इसके साथ ही आयुर्वेद, यूनानी, सिद्ध, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा, सोवा-रिग्पा और होम्योपैथी से संबंधित बहुभाषी शब्दावली, भाषा डेटा सेट तथा स्वास्थ्य एवं वेलनेस संचार के लिए संदर्भ-आधारित एआई मॉडल विकसित करने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी

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