नेपाल के सार्वजनिक पदाधिकारियों को एक महीने के भीतर संपत्ति विवरण देने का निर्देश

14 May 2026 12:56:53
संपत्ति जांच आयोग का दफ्तर


काठमांडू, 14 मई (हि.स.)। नेपाल सरकार की ओर से गठित सम्पत्ति जांच आयोग ने अपने दायरे में आने वाले सार्वजनिक पदाधिकारियों से एक महीने के भीतर अपनी संपत्ति का विवरण जमा करने का आग्रह किया है।

आयोग ने गुरुवार को एक सूचना जारी करके संबंधित पदाधिकारियों से अपनी, अपने परिवार के सदस्यों की तथा नेपाल और विदेश में मौजूद संपत्तियों का विवरण प्रस्तुत करने को कहा है। आयोग ने शुरुआत में 2006 से सार्वजनिक पदों पर रहे पदाधिकारियों से संपत्ति विवरण मांगा है। जारी सूचना के अनुसार वर्तमान प्रधानमंत्री से लेकर पूर्व प्रधानमंत्री और उपप्रधानमंत्री तक, वर्तमान मंत्रियों से लेकर पूर्व मंत्री, राज्यमंत्री और सहायक मंत्री तक, वर्तमान सांसद, पूर्व सांसद और संविधान सभा के सदस्य को संपत्ति विवरण जमा करना होगा।

इसके अलावा संवैधानिक निकायों के सभी पदाधिकारी, सभी पूर्व पदाधिकारी, पूर्व प्रधान न्यायाधीश और सभी पूर्व न्यायाधीश, नेपाल सेना के अवकाशप्राप्त कर्नल और उससे ऊपर के सभी स्तर के पूर्व अधिकारी, प्रदेश प्रमुख, मुख्यमंत्री, मंत्री से लेकर सहायक मंत्री तक (पूर्व पदाधिकारी समेत), प्रदेश सभा के सदस्य (पूर्व पदाधिकारी समेत), महान्यायाधिवक्ता और मुख्य न्यायाधिवक्ता (सेवानिवृत्त समेत), पुराने जिला विकास समिति (जिविस) और वर्तमान जिला समन्वय समिति (जिसस) के पदाधिकारी भी संपत्ति विवरण जमा करेंगे।

सम्पत्ति जांच आयोग ने स्थानीय तह के प्रमुख और उपप्रमुख (पूर्व पदाधिकारी समेत), नेपाली दूतावासों और कूटनीतिक नियोगों के प्रमुख एवं कर्मचारी, सहसचिव स्तर के सरकारी अधिकारी, संसद, स्वास्थ्य और मानवाधिकार सेवा के सभी कर्मचारी, नेपाल प्रहरी, सशस्त्र प्रहरी और राष्ट्रीय अनुसन्धान विभाग के एसपी तथा उससे ऊपर के सभी पदाधिकारी, यदि कार्यालय प्रमुख रहे हों तो उपसचिव स्तर के कर्मचारी, नेपाल राष्ट्र बैंक के गवर्नर से लेकर सहसचिव स्तर तक के कर्मचारी, सरकारी बैंक और वित्तीय संस्थानों के सहसचिव स्तर और उससे ऊपर के कर्मचारी एवं पदाधिकारी, सार्वजनिक संस्थानों के बोर्ड के पदाधिकारी और पूर्व पदाधिकारी भी संपत्ति विवरण जमा करेंगे।

इसके अलावा सार्वजनिक संस्थानों के सहसचिव स्तर और उससे ऊपर के कर्मचारी एवं पदाधिकारी, विश्वविद्यालयों और प्रतिष्ठानों के पदाधिकारी तथा सहसचिव और उससे ऊपर के कर्मचारी, राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति को छोड़कर उनके सचिवालय में नियुक्त सलाहकार और सचिव, प्रधानमंत्री से लेकर संवैधानिक निकायों के सलाहकार और सचिवालय के कर्मचारी भी संपत्ति विवरण जमा करेंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज दास

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