
नई दिल्ली/गोंडा, 14 मई (हि.स.)। प्रो रेसलिंग लीग (पीडब्ल्यूएल) ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वह भारतीय कुश्ती के विकास और प्रतिभाओं को निखारने का सबसे बड़ा मंच बन चुकी है। 10 से 12 मई 2026 तक गोंडा में आयोजित सीनियर ओपन रैंकिंग कुश्ती टूर्नामेंट में पीडब्ल्यूएल सीजन-5 में हिस्सा लेने वाले कई पहलवानों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पदक अपने नाम किए और आगामी विश्व चैंपियनशिप तथा कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप के चयन ट्रायल्स के लिए अपनी दावेदारी मजबूत की।
टूर्नामेंट में पीडब्ल्यूएल से जुड़े पहलवानों का दबदबा देखने को मिला, जिसने यह स्पष्ट किया कि लीग भारतीय पहलवानों को उच्च स्तरीय प्रतिस्पर्धा और अंतरराष्ट्रीय अनुभव प्रदान कर उन्हें बड़े मंचों के लिए तैयार करने में अहम भूमिका निभा रही है।
पुरुष फ्रीस्टाइल वर्ग में यूपी डॉमिनेटर्स के सागर ने 57 किग्रा भार वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर शानदार प्रदर्शन किया। वहीं महाराष्ट्र केसरी के यश तुषीर ने 74 किग्रा वर्ग में बेहतरीन खेल दिखाते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
यश तुषीर की जीत विशेष रूप से प्रेरणादायक रही। पूर्व विश्व जूनियर कांस्य पदक विजेता तुषीर पिछले दो वर्षों से गंभीर चोटों से जूझ रहे थे। घुटने, कंधे और पैर की उंगली की चोटों के कारण उन्हें लंबे समय तक पुनर्वास प्रक्रिया से गुजरना पड़ा। हालांकि, गोंडा में उन्होंने शानदार वापसी करते हुए लगातार पांच मुकाबले जीतकर स्वर्ण पदक हासिल किया और यह संकेत दिया कि वह फिर से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए तैयार हैं।
टाइगर्स ऑफ मुंबई दंगल्स के नवीन ने 79 किग्रा वर्ग में स्वर्ण पदक जीता, जबकि भारतीय कुश्ती के स्टार पहलवान दीपक पूनिया ने 92 किग्रा वर्ग में गोल्ड मेडल जीतकर अपने शानदार करियर में एक और उपलब्धि जोड़ दी। दीपक ने पीडब्ल्यूएल सीजन-5 में महाराष्ट्र केसरी का प्रतिनिधित्व किया था।
महिला वर्ग में दिल्ली दंगल वॉरियर्स की अंजलि ने 62 किग्रा वर्ग में रजत पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का दम दिखाया और राष्ट्रीय टीम चयन की दौड़ में अपनी स्थिति मजबूत की।
इन उपलब्धियों ने एक बार फिर यह साबित किया कि पीडब्ल्यूएल भारतीय पहलवानों को दबाव भरे मुकाबलों में खुद को साबित करने और विश्वस्तरीय प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने का प्रभावी मंच प्रदान कर रही है।
पीडब्ल्यूएल के सीईओ और प्रमोटर अखिल गुप्ता ने कहा कि लीग का उद्देश्य भारतीय कुश्ती को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाना है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सितारों, ओलंपियन और देश के उभरते पहलवानों को एक ही मंच पर प्रतिस्पर्धा का अवसर देकर पीडब्ल्यूएल देश में मजबूत कुश्ती इकोसिस्टम तैयार कर रही है।
उल्लेखनीय है कि इस वर्ष की शुरुआत में नोएडा इंडोर स्टेडियम में आयोजित पीडब्ल्यूएल सीजन-5 में छह फ्रेंचाइजी टीमों — टाइगर्स ऑफ मुंबई दंगल्स, हरियाणा थंडर्स, महाराष्ट्र केसरी, यूपी डॉमिनेटर्स, पंजाब रॉयल्स और दिल्ली दंगल वॉरियर्स — ने हिस्सा लिया था। इस सीजन में हरियाणा थंडर्स ने खिताब अपने नाम किया था।
पीडब्ल्यूएल का प्रभाव अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी साफ दिखाई दे रहा है। हाल ही में आयोजित सीनियर एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप में भारत द्वारा जीते गए 17 पदकों में से 11 पदक पीडब्ल्यूएल से जुड़े पहलवानों ने हासिल किए, जो यह दर्शाता है कि यह लीग भारतीय कुश्ती को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील दुबे