केंद्र ने 7,280 करोड़ रुपये की 'रेयर अर्थ मैग्नेट' योजना के लिए बोली लगाने की समय सीमा 29 जून तक बढ़ाई

15 May 2026 19:07:53
मंत्रालय के 'रेयर अर्थ मैग्नेट' के लोगो का प्रतीकात्मक चित्र


नई दिल्ली, 15 मई (हि.स)। केंद्र सरकार ने सिंटर्ड रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट (आरईपीएम) विनिर्माण संवर्धन योजना के अंगर्तत 7,280 करोड़ रुपये की वैश्विक निविदा के लिए बोली जमा करने की समय-सीमा 29 जून तक के लिए बढ़ा दी है।

भारी उद्योग मंत्रालय ने 7,280 करोड़ रुपये की उस योजना के तहत ग्लोबल टेंडर की समय-सीमा बढ़ा दी है, जिसका मकसद सिंटर्ड रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट (आरईपीएम) के निर्माण को बढ़ावा देना है। ऐसा इसलिए किया गया है, ताकि ज़्यादा से ज़्यादा लोग इसमें हिस्सा ले सकें और बोली लगाने की प्रक्रिया में शामिल लोगों को अतिरिक्त समय मिल सके। बोली जमा करने की अंतिम तिथि 28 मई से बढ़ाकर 29 जून कर दी गई है, जबकि तकनीकी बोलियों को खोलने की तिथि 29 मई से पुनर्निर्धारित करके 30 जून कर दी गई है, ताकि अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित हो सके और हितधारकों को बोली प्रक्रिया में अतिरिक्त समय मिल सके।

सभी हितधारकों की जानकारी के लिए अधिशेष केंद्रीय सार्वजनिक खरीद (सीपीपी) पोर्टल (https://eprocure.gov.in/eprocure/app) पर प्रकाशित किया गया है। भारत में सिंटर्ड रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट विनिर्माण संयंत्र स्थापित करने के लिए आरईपीएम योजना के तहत लाभार्थियों के रूप में निर्माताओं के चयन हेतु मंत्रालय ने 20 मार्च को वैश्विक निविदा आमंत्रित की गई थी।

रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट विश्व के सबसे शक्तिशाली चुंबकों में से हैं और इनका व्यापक रूप से विद्युत वाहनों, पवन टर्बाइनों, उच्च स्तरीय इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों, एयरोस्पेस और रक्षा प्रणालियों में उपयोग किया जाता है। भारत में एनडीपीआर ऑक्साइड से लेकर तैयार चुंबकों तक की संपूर्ण मूल्य श्रृंखला का निर्माण करके इस योजना से इस क्षेत्र में आयात पर निर्भरता में उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद है।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर

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