हूलॉक गिब्बन ने रेल लाइन पर बने कैनोपी ब्रिज का किया उपयोग

युगवार्ता    15-May-2026
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गिब्बन


नई दिल्ली, 15 मई (हि.स.)। असम स्थित होलोंगापार गिब्बन अभयारण्य से गुजरने वाली लुमडिंग-डिब्रूगढ़ रेलवे लाइन पर बने कैनोपी ब्रिज पर शुक्रवार को एक नर पश्चिमी हूलॉक गिब्बन को देखा गया। यह भारत में गिब्बन संरक्षण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण क्षण है। कैनोपी ब्रिज को असम वन विभाग और भारतीय वन्यजीव संस्थान द्वारा केन्द्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की सलाह और मार्गदर्शन में एक निवारक उपाय के रूप में डिजाइन और स्थापित किया गया था।

इस घटना पर खुशी जाहिर करते हुए केन्द्रीय मंत्री भूपेन्द्र यादव ने कहा कि तकनीक आधारित संरक्षण

के तहत असम से गुजरने वाली रेलवे लाइन पर बने इस कैनोपी ब्रिज जैसे सुरक्षा उपायों का उपयोग हूलॉक गिब्बन द्वारा किया जाने लगा है।

यह दर्शाता है कि विज्ञान आधारित छोटे पैमाने के प्रयास भी जैव विविधता संरक्षण में बहुत सहायक हो सकते हैं।

उल्लेखनीय है कि लुप्त होने के कगार पर वानर 'हुलॉक गिब्बन' के संरक्षण के लिए असम के होलोंगापार गिब्बन अभयारण्य में प्रयास जारी हैै। संरक्षित क्षेत्रों में इनके संरक्षण के प्रयास जारी हैं लेकिन अवैध कटाई, रेलवे लाइन और चाय के बागानों से इन्हें खतरा है। संरक्षण के लिए गलियारों को फिर से जोड़ना और सामुदायिक भागीदारी आवश्यक है। इन्हें वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की अनुसूची-1 के तहत संरक्षण प्राप्त है।

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हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी

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